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कोरोना रोधी टीका लगवाने विद्यार्थी दे पाएंगे प्री-बोड की परीक्षा
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औरैया। यूपी बोर्ड और सीबीएसई के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने अगर टीकाकरण नहीं कराया तो वह प्री-बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। प्रधानाचार्यों को सभी विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के आदेश दिए गए हैं।
शासन ने कोरोना से बचाव के लिए 15 से 17 वर्ष उम्र के किशोरों का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी जा रही थीं। लेकिन 31 जनवरी तक शतप्रतिशत टीकाकरण पूरा नहीं हो सका है। जिला विद्यालय निरीक्षक मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को चेतावनी भी दी थी।
जिसके बाद इन स्कूलों में टीकाकरण का कार्य तेज हुआ था। अभी भी कई छात्र-छात्राएं टीकाकरण से वंचित हैं। वहीं, शिक्षकों व कुछ स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी चुनाव में लगने की वजह से भी टीकाकरण का काम प्रभावित हुआ है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि टीकाकरण न कराने से कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। बचाव के लिए सभी छात्र-छात्राओं को टीकाकरण कराना चाहिए। सीबीएसई और यूपी बोर्ड के मान्यता प्राप्त सभी स्कूल व कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के आदेश दिए गए हैं। टीकाकरण न कराने वाले छात्र-छात्राओं को प्री-बोर्ड परीक्षा से भी वंचित रखा जा सकता है।
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शासन ने कोरोना से बचाव के लिए 15 से 17 वर्ष उम्र के किशोरों का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी जा रही थीं। लेकिन 31 जनवरी तक शतप्रतिशत टीकाकरण पूरा नहीं हो सका है। जिला विद्यालय निरीक्षक मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को चेतावनी भी दी थी।
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जिसके बाद इन स्कूलों में टीकाकरण का कार्य तेज हुआ था। अभी भी कई छात्र-छात्राएं टीकाकरण से वंचित हैं। वहीं, शिक्षकों व कुछ स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी चुनाव में लगने की वजह से भी टीकाकरण का काम प्रभावित हुआ है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि टीकाकरण न कराने से कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। बचाव के लिए सभी छात्र-छात्राओं को टीकाकरण कराना चाहिए। सीबीएसई और यूपी बोर्ड के मान्यता प्राप्त सभी स्कूल व कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के आदेश दिए गए हैं। टीकाकरण न कराने वाले छात्र-छात्राओं को प्री-बोर्ड परीक्षा से भी वंचित रखा जा सकता है।