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Auraiya News: एडीजे से 88 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी
Thu, 08 Jun 2023 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:03 AM IST
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औरैया। पतंजलि योगपीठ में चिकित्सा के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन से 88 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई। ठगी का एहसास होने पर न्यायिक अधिकारी ने औरैया कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अपर जिला जज सिविल सीनियर डिवीजन औरैया जीवक कुमार सिंह ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पतंजलि योगपीठ में चिकित्सा के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से एक नंबर प्राप्त किया था। उन्होंने बात की तो फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि मैं रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बैठता हूं। मैं आपको अकाउंट नंबर भेज रहा हूं। उस पर पेमेंट करने और आधार कार्ड की कापी भेजने लिए कहा। उन्होंने बताए गए तरीके से अपने पिता के आधार कार्ड की काॅपी भेज दी। साथ ही दो जून को 15 हजार, तीन जून को 20 हजार रुपये भी बैंक ऑफ इंडिया के हरिद्वार ब्रांच के बताए गए खाता नंबर में भेज दिए।
एडीजे ने बताया कि चार जून को उस व्यक्ति ने दोबारा फोन करके कहा कि आपको 52 हजार नौ सौ रुपये और भेजने होंगे, जिससे आपका इंश्योरेंस हो जाएगा और आपका अगले पांच साल तक निशुल्क इलाज हो सकेगा। यह भी बताया कि यह धनराशि रिफंडेबल होगी।
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एडीजे जीवक कुमार सिंह ने बताया कि इस पर उन्होंने उसकी बात मानकर चार जून को 40 हजार व 12 हजार नौ सौ रुपये और उसके बताए गए खाते में हस्तांतरित कर दिए। इसके बाद पांच जून को उस व्यक्ति ने फिर से फोन करके 38 हजार छह सौ रुपये की मांग की। एडीजे ने बताया कि तब जाकर उन्हें प्रतीत हुआ कि उनके साथ फ्राड हुआ है।
इस संबंध में प्रभारी कोतवाल एसएसआई भागीरथ ने बताया कि एडीजे सिविल जज सीनियर डिवीजन जीवक कुमार सिंह की तहरीर पर मोबाइल नंबर के अज्ञात कालर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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अपर जिला जज सिविल सीनियर डिवीजन औरैया जीवक कुमार सिंह ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पतंजलि योगपीठ में चिकित्सा के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से एक नंबर प्राप्त किया था। उन्होंने बात की तो फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि मैं रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बैठता हूं। मैं आपको अकाउंट नंबर भेज रहा हूं। उस पर पेमेंट करने और आधार कार्ड की कापी भेजने लिए कहा। उन्होंने बताए गए तरीके से अपने पिता के आधार कार्ड की काॅपी भेज दी। साथ ही दो जून को 15 हजार, तीन जून को 20 हजार रुपये भी बैंक ऑफ इंडिया के हरिद्वार ब्रांच के बताए गए खाता नंबर में भेज दिए।
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एडीजे ने बताया कि चार जून को उस व्यक्ति ने दोबारा फोन करके कहा कि आपको 52 हजार नौ सौ रुपये और भेजने होंगे, जिससे आपका इंश्योरेंस हो जाएगा और आपका अगले पांच साल तक निशुल्क इलाज हो सकेगा। यह भी बताया कि यह धनराशि रिफंडेबल होगी।
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एडीजे जीवक कुमार सिंह ने बताया कि इस पर उन्होंने उसकी बात मानकर चार जून को 40 हजार व 12 हजार नौ सौ रुपये और उसके बताए गए खाते में हस्तांतरित कर दिए। इसके बाद पांच जून को उस व्यक्ति ने फिर से फोन करके 38 हजार छह सौ रुपये की मांग की। एडीजे ने बताया कि तब जाकर उन्हें प्रतीत हुआ कि उनके साथ फ्राड हुआ है।
इस संबंध में प्रभारी कोतवाल एसएसआई भागीरथ ने बताया कि एडीजे सिविल जज सीनियर डिवीजन जीवक कुमार सिंह की तहरीर पर मोबाइल नंबर के अज्ञात कालर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।