{"_id":"6a8b393d5cb55907ee06ca42","slug":"one-lekhpal-suspended-for-negligence-another-receives-an-adverse-entry-auraiya-news-c-211-1-aur1008-150282-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: लापरवाही पर एक लेखपाल निलंबित, दूसरे को प्रतिकूल प्रविष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: लापरवाही पर एक लेखपाल निलंबित, दूसरे को प्रतिकूल प्रविष्टि
Sun, 23 Aug 2026 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:47 PM IST
विज्ञापन
बिधूना। तहसील क्षेत्र के हरपुरा में पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, अनियमितता व स्वेच्छाचारिता के मामले में तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार की जांच आख्या के आधार पर हरपुरा के लेखपाल चंद्रकुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एक अन्य मामले में अनेशो क्षेत्र के लेखपाल विमलेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
एसडीएम कमल कुमार सिंह द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लेखपाल चंद्रकुमार की लापरवाही व अनियमितता की मिली शिकायतों की जांच करते हुए तहसीलदार बिधूना ने 21 अगस्त को अपनी जांच आख्या अधिकारियों को सौंपी थी। इसमें लेखपाल चंद्रकुमार के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं व पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही पाए जाने की पुष्टि हुई।
जांच के अनुसार गाटा संख्या 522/4 के संबंध में भूमि विक्रय से प्राप्त चार लाख रुपये की धनराशि लेखपाल के खाते में पहुंच थी। इस धनराशि के वैध स्रोत के संबंध में लेखपाल की ओर से कोई संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा गाटा संख्या 1352 के अवैध कब्जे के मामले में समय से विधिक कार्रवाई न करने और राजस्व संबंधी दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने की बात सामने आई।
विज्ञापन
जांच में गाटा संख्या 2737 की फसल की सुपुर्दगी के बाद फसल गायब होने के मामले में भी लापरवाही पाई गई। फसल की राजकोषीय देय धनराशि 27,676 रुपये की वसूली अथवा उसे राजकोष में जमा कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे राजकोष को नुकसान पहुंचने की स्थिति सामने आई। इन गंभीर अनियमितताओं व पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्रावधानों के तहत लेखपाल चंद्रकुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वहीं, दूसरे क्षेत्र अनेशो के लेखपाल विमलेंद्र को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। एसडीएम ने बताया कि तहसीलदार की जांच में मिली अनियमितताओं और लापरवाही के आधार पर लेखपाल चंद्रकुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। वहीं, लेखपाल विमलेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
विज्ञापन
एसडीएम कमल कुमार सिंह द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लेखपाल चंद्रकुमार की लापरवाही व अनियमितता की मिली शिकायतों की जांच करते हुए तहसीलदार बिधूना ने 21 अगस्त को अपनी जांच आख्या अधिकारियों को सौंपी थी। इसमें लेखपाल चंद्रकुमार के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं व पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही पाए जाने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
जांच के अनुसार गाटा संख्या 522/4 के संबंध में भूमि विक्रय से प्राप्त चार लाख रुपये की धनराशि लेखपाल के खाते में पहुंच थी। इस धनराशि के वैध स्रोत के संबंध में लेखपाल की ओर से कोई संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा गाटा संख्या 1352 के अवैध कब्जे के मामले में समय से विधिक कार्रवाई न करने और राजस्व संबंधी दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने की बात सामने आई।
विज्ञापन
जांच में गाटा संख्या 2737 की फसल की सुपुर्दगी के बाद फसल गायब होने के मामले में भी लापरवाही पाई गई। फसल की राजकोषीय देय धनराशि 27,676 रुपये की वसूली अथवा उसे राजकोष में जमा कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे राजकोष को नुकसान पहुंचने की स्थिति सामने आई। इन गंभीर अनियमितताओं व पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्रावधानों के तहत लेखपाल चंद्रकुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वहीं, दूसरे क्षेत्र अनेशो के लेखपाल विमलेंद्र को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। एसडीएम ने बताया कि तहसीलदार की जांच में मिली अनियमितताओं और लापरवाही के आधार पर लेखपाल चंद्रकुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। वहीं, लेखपाल विमलेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।