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Auraiya News: नया नियम बना अड़चन, प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत
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औरैया। किसी भी योजना का लाभ लेना हो उसके रजिस्ट्रेशन के लिए आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू हो चुकी है। ऐसे में आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आधार सत्यापन में नई व्यवस्था अड़चन बनी हुई है।
अधिकांश आधार कार्ड धारकों के पुराने नंबर बंद हो चुके है। ओटीपी न मिल पाने के कारण आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। बिना इन प्रमाण पत्रों के किसी भी योजना का लाभ मिलना संभव नहीं हैं। जिस कारण आवेदकों के साथ-साथ जन सेवा केंद्र संचालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पोर्टल पर आधार सत्यापन की नई व्यवस्था लगभग तीन माह पहले शुरू की गई है। यह बदलाव आय, निवास व जाति प्रमाण पत्र जारी करने व योजना के लाभार्थियों की पारदर्शिता को लेकर लागू की गई है। दिक्कतें उन लोगों को हो रही हैं। जिनके आधार कार्ड काफी समय पहले के बने हैं। लगभग पांच से 10 साल पहले बने अधिकांश आधार कार्ड धारकों के नंबर बंद हो चुके हैं। ऐसे में ओटीपी नहीं आ पाते। आधार कार्ड पर नया नंबर दर्ज करवाने के लिए कार्ड धारकों को पोस्ट ऑफिस या फिर आधार सेंटरों पर पहुंचना पड़ रहा है। कई दिनों और महीनों तक चक्कर लगाने के बाद जैसे-जैसे नंबर आता है। आवेदन के बाद भी एक-एक माह तक नंबर नहीं दर्ज हो पा रहे है।
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जन सेवा केंद्र संचालक विनोद गुप्ता ने बताया कि किसी भी योजना के लिए आवेदन करना हो। उसके लिए सबसे पहले ओटीपी की जरूरत होती है। तो वहीं कागजातों में आय, जाति व प्रमाण पत्र भी जरूरी हैं। इन कागजों को तैयार करने के लिए आवेदन करते समय भी अब ओटीपी की जरूरत पडऩे लगी है। प्रतिदिन एक जन सेवा केंद्र पर लगभग 20 से 25 लोग ऐसे लौटाए जाते हैं जिनके आधार नंबरों पर मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं या फिर उनके मोबाइल बंद हो चुके हैं। इनको मायूस होकर लौटना पड़ता है। तो वहीं उन्हें भी परेशान होना पड़ता है।
आधार सेंटर संचालक ऋतिक ने बताया कि आधार कार्ड में मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए किसी प्रकार के कागज की आवश्यकता नहीं होती है। 50 रुपये फीस के साथ नंबर दर्ज किया जाता है। आवेदन के 72 घंटे बाद कभी भी नंबर अपडेट हो सकता है। इसकी इसके बाद की कोई समय सीमा नहीं हैं। बताया कि प्रतिदिन 10 से 15 लोग आधार नंबर पर मोबाइल बदलवाने के लिए आते हैं।
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फोटो04एयूआरपी 21- बटेश्वर दयाल
मामला - एक
हैदरपुर निवासी बटेश्वर दयाल ने बताया कि उनकी उम्र 105 वर्ष हो गई है, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं बनी है। हर बार उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाओ। आधार में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं। जिस कारण रजिस्ट्रेशन में परेशानी हो रही है।
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फोटो04एयूआरपी 22- अभिषेक कुमार
मामला - दो
जसवंतपुर निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि आय व जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जन सेवा केंद्र पर गया था। आधार ओटीपी न होने के कारण लौटा दिया गया। 100-100 रुपये दो बार खर्च कर आधार सेंटर से मोबाइल नंबर दर्ज कराया, लेकिन ओटीपी न आने की समस्या आज भी बनी हुई है। जिस कारण प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं।
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अधिकांश आधार कार्ड धारकों के पुराने नंबर बंद हो चुके है। ओटीपी न मिल पाने के कारण आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। बिना इन प्रमाण पत्रों के किसी भी योजना का लाभ मिलना संभव नहीं हैं। जिस कारण आवेदकों के साथ-साथ जन सेवा केंद्र संचालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पोर्टल पर आधार सत्यापन की नई व्यवस्था लगभग तीन माह पहले शुरू की गई है। यह बदलाव आय, निवास व जाति प्रमाण पत्र जारी करने व योजना के लाभार्थियों की पारदर्शिता को लेकर लागू की गई है। दिक्कतें उन लोगों को हो रही हैं। जिनके आधार कार्ड काफी समय पहले के बने हैं। लगभग पांच से 10 साल पहले बने अधिकांश आधार कार्ड धारकों के नंबर बंद हो चुके हैं। ऐसे में ओटीपी नहीं आ पाते। आधार कार्ड पर नया नंबर दर्ज करवाने के लिए कार्ड धारकों को पोस्ट ऑफिस या फिर आधार सेंटरों पर पहुंचना पड़ रहा है। कई दिनों और महीनों तक चक्कर लगाने के बाद जैसे-जैसे नंबर आता है। आवेदन के बाद भी एक-एक माह तक नंबर नहीं दर्ज हो पा रहे है।
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जन सेवा केंद्र संचालक विनोद गुप्ता ने बताया कि किसी भी योजना के लिए आवेदन करना हो। उसके लिए सबसे पहले ओटीपी की जरूरत होती है। तो वहीं कागजातों में आय, जाति व प्रमाण पत्र भी जरूरी हैं। इन कागजों को तैयार करने के लिए आवेदन करते समय भी अब ओटीपी की जरूरत पडऩे लगी है। प्रतिदिन एक जन सेवा केंद्र पर लगभग 20 से 25 लोग ऐसे लौटाए जाते हैं जिनके आधार नंबरों पर मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं या फिर उनके मोबाइल बंद हो चुके हैं। इनको मायूस होकर लौटना पड़ता है। तो वहीं उन्हें भी परेशान होना पड़ता है।
आधार सेंटर संचालक ऋतिक ने बताया कि आधार कार्ड में मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए किसी प्रकार के कागज की आवश्यकता नहीं होती है। 50 रुपये फीस के साथ नंबर दर्ज किया जाता है। आवेदन के 72 घंटे बाद कभी भी नंबर अपडेट हो सकता है। इसकी इसके बाद की कोई समय सीमा नहीं हैं। बताया कि प्रतिदिन 10 से 15 लोग आधार नंबर पर मोबाइल बदलवाने के लिए आते हैं।
फोटो04एयूआरपी 21- बटेश्वर दयाल
मामला - एक
हैदरपुर निवासी बटेश्वर दयाल ने बताया कि उनकी उम्र 105 वर्ष हो गई है, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं बनी है। हर बार उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाओ। आधार में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं। जिस कारण रजिस्ट्रेशन में परेशानी हो रही है।
फोटो04एयूआरपी 22- अभिषेक कुमार
मामला - दो
जसवंतपुर निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि आय व जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जन सेवा केंद्र पर गया था। आधार ओटीपी न होने के कारण लौटा दिया गया। 100-100 रुपये दो बार खर्च कर आधार सेंटर से मोबाइल नंबर दर्ज कराया, लेकिन ओटीपी न आने की समस्या आज भी बनी हुई है। जिस कारण प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं।