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अष्टमी पर गूंजे महागौरी के जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Wed, 21 Oct 2015 11:39 PM IST
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शारदीय नवरात्र के आठवें दिन हजारों श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के महागौरी रूप की पूजा की। मंदिरों में सुबह से ही मां के जयकारे लगने लगे। नवरात्र की अष्टमी को मंदिरों में झांकियां सजाई गई। इसके अलावा शहर में जगह जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया।
नवरात्र में आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी रूप की पूजा होती है। बुधवार को शहर के आर्यनगर में स्थित काली माता मंदिर, नारायनपुर स्थित महामाई मंदिर, पढ़ीन दरवाजा स्थित मां जगदंबे माता मंदिर, बनारसीदास मोहाल स्थित प्राचीन कालीन बड़ी माता मंदिर, जेसीज चौराहा स्थित काली माता मंदिर व मां मंगलाकाली मंदिर में सुबह से पूजा का दौर शुरू हो गया। नवरात्र के अंतिम दिन महिलाओं ने मां महागौरी को चुनरी भेंट की। देवी मंदिरों में मैया का भव्य श्रृंगार किया गया। शहर के एक दर्जन से अधिक मंदिरों में देवी मां की झांकी भव्य तरीके से सजाई गई। देवी भक्तों ने नवरात्र की आठवें दिन पर पहले अपने अपने घरों में हवन पूजन करने के बाद मंदिरों में जाकर महागौरी की पूजा अर्चना की। वहीं घरों में पूजा करने के बाद कन्या भोज का भी आयोजन किया गया।
वहीं शहर के ओमनगर मोहल्ले में स्थापित दुर्गा मूर्ति की भी देवी भक्तों ने पूजा-अर्चना की। मंगलवार को विशाल देवी जागरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें भारी कलाकारों ने देवी गीत गाकर भक्तों को रातभर जागने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर भोलू लक्ष्यकार, सोनी, अरुण, छोटू, शिवम मिश्रा आदि मौजूद रहे। नवरात्र पर शहर के ब्रह्मनगर मोहल्ले में जगराते का आयोजन हुआ। इसमें कलाकारों ने देवी व भोलेनाथ का रूप रखकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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कालरात्रि में 12 बजे हुआ मैया का स्नान
औरैया। मंगलवार को नवरात्र की सत्तमी पर शहर के आर्यनगर स्थित काली माता मंदिर एवं बड़ी माता मंदिर में ठीक 12 बजे कालरात्रि पर मां दुर्गा को दूध से स्नान कराया गया। इसके बाद प्रसाद बनाकर सभी देवी भक्तों को वितरित किया गया। मैय्या का स्नान होते ही मंदिर में जयकारे गूंजने लगे।
झंडा, जवारे चढ़ाने के लिए जुटी भीड़
औरैया। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर बुधवार को शहर के मंगलाकाली मंदिर में आज देवी भक्तों ने मइया को मनाने के लिए झंडा व जवारे भी चढ़ाए। साथ ही बैंडवाजों की धुन पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए।
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नवरात्र में आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी रूप की पूजा होती है। बुधवार को शहर के आर्यनगर में स्थित काली माता मंदिर, नारायनपुर स्थित महामाई मंदिर, पढ़ीन दरवाजा स्थित मां जगदंबे माता मंदिर, बनारसीदास मोहाल स्थित प्राचीन कालीन बड़ी माता मंदिर, जेसीज चौराहा स्थित काली माता मंदिर व मां मंगलाकाली मंदिर में सुबह से पूजा का दौर शुरू हो गया। नवरात्र के अंतिम दिन महिलाओं ने मां महागौरी को चुनरी भेंट की। देवी मंदिरों में मैया का भव्य श्रृंगार किया गया। शहर के एक दर्जन से अधिक मंदिरों में देवी मां की झांकी भव्य तरीके से सजाई गई। देवी भक्तों ने नवरात्र की आठवें दिन पर पहले अपने अपने घरों में हवन पूजन करने के बाद मंदिरों में जाकर महागौरी की पूजा अर्चना की। वहीं घरों में पूजा करने के बाद कन्या भोज का भी आयोजन किया गया।
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वहीं शहर के ओमनगर मोहल्ले में स्थापित दुर्गा मूर्ति की भी देवी भक्तों ने पूजा-अर्चना की। मंगलवार को विशाल देवी जागरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें भारी कलाकारों ने देवी गीत गाकर भक्तों को रातभर जागने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर भोलू लक्ष्यकार, सोनी, अरुण, छोटू, शिवम मिश्रा आदि मौजूद रहे। नवरात्र पर शहर के ब्रह्मनगर मोहल्ले में जगराते का आयोजन हुआ। इसमें कलाकारों ने देवी व भोलेनाथ का रूप रखकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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कालरात्रि में 12 बजे हुआ मैया का स्नान
औरैया। मंगलवार को नवरात्र की सत्तमी पर शहर के आर्यनगर स्थित काली माता मंदिर एवं बड़ी माता मंदिर में ठीक 12 बजे कालरात्रि पर मां दुर्गा को दूध से स्नान कराया गया। इसके बाद प्रसाद बनाकर सभी देवी भक्तों को वितरित किया गया। मैय्या का स्नान होते ही मंदिर में जयकारे गूंजने लगे।
झंडा, जवारे चढ़ाने के लिए जुटी भीड़
औरैया। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर बुधवार को शहर के मंगलाकाली मंदिर में आज देवी भक्तों ने मइया को मनाने के लिए झंडा व जवारे भी चढ़ाए। साथ ही बैंडवाजों की धुन पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए।