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Auraiya News: नाम का शहर, सुविधाएं गांव से भी बदतर

Wed, 08 Jan 2025 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:50 PM IST
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Name of city, facilities worse than village
कीचड़ से सनी सड़क से निकलता साइकिल सवार।  - फोटो : कीचड़ से सनी सड़क से निकलता साइकिल सवार।
औरैया। यूं तो आवास-विकास कॉलोनी की गिनती शहर की पॉश कॉलोनियों में होती है, लेकिन यहां मिलने वाली सुविधाएं गांव से भी बदतर हैं। अधिकांश सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। कुछ सड़कें कीचड़ में तब्दील हैं। सीवरेज सिस्टम चोक है, सफाई के अभाव में नाले-नालियां उफनाई हुई हैं। गंदा पानी लोगों के दरवाजों तक भरा है। पानी खाली प्लाटों में जमा हो रहा है। कॉलोनी के पार्क भी बदहाल हो चुके हैं। आवास-विकास कॉलोनी के सात ब्लॉकों में 1000 परिवार रहते हैं। दो ब्लॉक आवास-विकास परिषद ने नगर पालिका को हैंडओवर कर दिए थे। पांच ब्लॉक हैंडओवर होना बाकी हैं। नगर पालिका व आवास-विकास परिषद के बीच कवायद रुकने से लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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नाला बनाने के लिए बिगाड़ दी सड़क की सूरत
कानपुर रोड से सटे बदनपुर मोहल्ले में जलनिकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर पालिका ने नाले का निर्माण पिछले दिनों शुरू कराया था। निर्माण के लिए सड़क किनारे मिट्टी खोदी गई, जिसे सड़क पर डाल दिया गया। सीवरेज लाइन चोक होने से गंदा पानी सड़क पर जमा हो गया। इससे सड़क कीचड़ से सराबोर हो गई। यहां से निकलने वाले वाहन अक्सर दलदल में फंस जाते हैं। लोगों का कहना है कि नाला बनाने के लिए पालिका ने सड़क की सूरत ही बिगाड़ दी।
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सड़क बनी कूड़ा डंपिंग स्थल

आवास-विकास कॉलोनी में कचरा डालने के लिए जगह-जगह कूड़ेदान रखे गए थे। शुरुआती दिनों में तो लोगों ने उनका भरपूर इस्तेमाल किया। रखरखाव के अभाव में वो जंग खाकर गल चुके हैं। कूड़ेदान के नाम पर महज अवशेष ही लटक रहे हैं। कूड़ेदान की सुविधा न होने की वजह से यहां पर लोग सड़क पर ही कूड़ा डाल रहे हैं। मवेशी कूड़े के ढेर में मुंह मारकर बीच सड़क पर बिखेर देते हैं। पूरे क्षेत्र में सड़ रहे कूड़े के कारण सांस लेना भी दूभर है।
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उखड़ी सड़क और चोक नालों से पहचान
आवास-विकास कॉलोनी के सात ब्लॉकों में आलीशान मकान बने हैं, लेकिन घर के बाहर उखड़ी सड़क है और चोक नालों से इसकी पहचान हो रही है। सीवरेज सिस्टम फेल हो चुका है। चंद घंटे में ही सीवरलाइन उफनाकर समस्या बढ़ा देती है। इससे लोगों को बदबू का सामना करना पड़ता है। साथ ही संक्रामक रोग फैलने का खतरा है। कॉलोनी में पार्क बनाए गए थे। पार्कों में बैठने के लिए बेंच लगाई गई थी, पौधे भी रोपे गए थे। रखरखाव के अभाव में उनकी सूरत खराब हो चुकी है। पार्क को सुरक्षित बनाने के बजाय मवेशी घर बना दिया गया।

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पालिका और आवास-विकास के बीच फंसी काॅलोनी
‘कॉलोनी में यह सोचकर मकान बनाया था कि शहर की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पालिका और आवास-विकास परिषद के बीच फंसी काॅलोनी बदहाली की कगार पर है। परिषद पालिका को हैंडओवर करने में दिलचस्पी नहीं ले रही है और पालिका सुविधाएं देने में इतरा रहा है।’
-डॉ. एसएसएस परिहार
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‘कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं खस्ताहाल है। किसी भी गांव व शहर को बसाने से पहले वहां पर सड़क, बिजली पानी जैसी सुविधाएं दुरुस्त की जाती हैं। आवास-विकास परिषद ने प्लाट तो काट दिए, लेकिन सुविधाओं के नाम पर किनारा किया जा रहा है।’-विशाल पोरवाल
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‘आवास विकास कॉलोनी अभी तक हैंडओवर नहीं की गई है। इस पर प्रशासन स्तर से पैरवी की जा रही है। सीवरेज सिस्टम के दोबारा बनने को लेकर मामला अटका हुआ है। हैंडओवर प्रक्रिया पूरी होते ही कॉलोनी को सभी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।’
-अनूप गुप्ता, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, औरैया
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