{"_id":"6999fa81ff33b4646f00ad4b","slug":"mustard-straw-is-being-dumped-near-sensitive-sitesmustard-straw-is-being-dumped-near-sensitive-sites-auraiya-news-c-211-1-aur1008-140163-2026-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: संवेदनशील स्थलों के पास डंप हो रहा सरसों का भूसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: संवेदनशील स्थलों के पास डंप हो रहा सरसों का भूसा
Sun, 22 Feb 2026 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:03 AM IST
विज्ञापन
फोटो-2-ट्रक से ढोया जा रहा सरसों का भूसा।संवाद
- फोटो : सांकेतिक
एरवाकटरा। कस्बे के बिधूना रोड स्थित सीएचसी के सामने और किशनी रोड पर धर्मकांटे के पास बड़े पैमाने पर सरसों का भूसा बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के डंप किया जा रहा है।
पेट्रोल पंपों और अन्य संवेदनशील स्थलों के नजदीक हो रहे इस भंडारण से गर्मी में अग्निकांड की आशंका से खतरा बढ़ गया है। सीएचसी के सामने ही दो पेट्रोल पंप स्थित हैं। उनके बीच खाली पड़े खेत में प्रतिदिन हजारों क्विंटल सरसों के भूसे के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगाए जा रहे हैं। किशनी रोड स्थित धर्मकांटे के पीछे भी बड़े पैमाने पर भूसे का भंडारण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्य बिना किसी अनुमति के किया जा रहा है।
लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर भूसा डंप किया जा रहा है, उसके लगभग 100 मीटर के दायरे में सरकारी बीज गोदाम है। यहां जायद की फसल के बीज सुरक्षित रखे हैं। पास ही सरकारी धान क्रय केंद्र पर किसानों से खरीदा गया हजारों क्विंटल धान रखा हुआ है। पेट्रोल पंपों पर हजारों लीटर डीजल-पेट्रोल का भंडारण रहता है और सीएचसी में प्रतिदिन मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में भूसे का खुले में ढेर लगना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
विज्ञापन
स्थानीय नागरिकों के अनुसार मुरादाबाद व अन्य जिलों से आए भूसा कारोबारी प्रतिदिन ट्रकों से लोडिंग-अनलोडिंग कर रहे हैं। गर्मी और तेज हवाओं के मौसम में जरा सी चिंगारी भी भीषण आग का रूप ले सकती है। इससे सरकारी संपत्ति, किसानों की फसल और आसपास के प्रतिष्ठान चपेट में आ सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर संभावित खतरे को टालने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
अग्निशमन अधिकारी विशाल गौड़ ने बताया कि मामले की जानकारी की जा रही है। टीम भेजकर स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पेट्रोल पंपों और अन्य संवेदनशील स्थलों के नजदीक हो रहे इस भंडारण से गर्मी में अग्निकांड की आशंका से खतरा बढ़ गया है। सीएचसी के सामने ही दो पेट्रोल पंप स्थित हैं। उनके बीच खाली पड़े खेत में प्रतिदिन हजारों क्विंटल सरसों के भूसे के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगाए जा रहे हैं। किशनी रोड स्थित धर्मकांटे के पीछे भी बड़े पैमाने पर भूसे का भंडारण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्य बिना किसी अनुमति के किया जा रहा है।
विज्ञापन
लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर भूसा डंप किया जा रहा है, उसके लगभग 100 मीटर के दायरे में सरकारी बीज गोदाम है। यहां जायद की फसल के बीज सुरक्षित रखे हैं। पास ही सरकारी धान क्रय केंद्र पर किसानों से खरीदा गया हजारों क्विंटल धान रखा हुआ है। पेट्रोल पंपों पर हजारों लीटर डीजल-पेट्रोल का भंडारण रहता है और सीएचसी में प्रतिदिन मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में भूसे का खुले में ढेर लगना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
विज्ञापन
स्थानीय नागरिकों के अनुसार मुरादाबाद व अन्य जिलों से आए भूसा कारोबारी प्रतिदिन ट्रकों से लोडिंग-अनलोडिंग कर रहे हैं। गर्मी और तेज हवाओं के मौसम में जरा सी चिंगारी भी भीषण आग का रूप ले सकती है। इससे सरकारी संपत्ति, किसानों की फसल और आसपास के प्रतिष्ठान चपेट में आ सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर संभावित खतरे को टालने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
अग्निशमन अधिकारी विशाल गौड़ ने बताया कि मामले की जानकारी की जा रही है। टीम भेजकर स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।