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Auraiya News: फर्जीवाड़े की शिकायत पर जांच करने पहुंचीं मनरेगा लोकपाल
Sat, 31 Jan 2026 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:39 AM IST
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फोटो-29-ग्रामीणों से जानकारी करतीं मनरेगा लोकपाल।संवाद
अटसू। ग्राम पंचायत लालपुर प्रहलादपुर में पंचायत निधि के दुरुपयोग के मामले में जांच तेज हो गई है। ग्रामीणों द्वारा डीएम से की गई शिकायतों पर शुक्रवार को मनरेगा लोकपाल रामलक्ष्मी सिंह ने गांव पहुंचकर निरीक्षण किया।
उन्होंने शिकायतों से जुड़े कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। हालांकि सचिव और टीए के न आने के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। लोकपाल ने शिकायत के आधार पर कई ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कैटल शेड, हैंडपंप बोरिंग, गली निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कार्यों की गुणवत्ता, भुगतान और वास्तविक क्रियान्वयन को लेकर भी पूछताछ की गई। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि जांच के दौरान ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और पंचायत सचिव मौके पर मौजूद नहीं मिले। इससे संबंधित अभिलेख और टास्क सूची उपलब्ध नहीं हो सकी।
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उन्होंने कहा कि पत्रावली मिलने के बाद दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पंचायत सहायक और शिकायतकर्ता से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रारंभिक जांच की गई है। ग्रामीणों द्वारा पंचायत निधि के दुरुपयोग, फर्जी फर्मों के माध्यम से भुगतान, संदिग्ध वाउचर और पुराने कार्यों पर दोबारा भुगतान जैसे आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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उन्होंने शिकायतों से जुड़े कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। हालांकि सचिव और टीए के न आने के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। लोकपाल ने शिकायत के आधार पर कई ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कैटल शेड, हैंडपंप बोरिंग, गली निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
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निरीक्षण के दौरान कार्यों की गुणवत्ता, भुगतान और वास्तविक क्रियान्वयन को लेकर भी पूछताछ की गई। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि जांच के दौरान ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और पंचायत सचिव मौके पर मौजूद नहीं मिले। इससे संबंधित अभिलेख और टास्क सूची उपलब्ध नहीं हो सकी।
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उन्होंने कहा कि पत्रावली मिलने के बाद दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पंचायत सहायक और शिकायतकर्ता से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रारंभिक जांच की गई है। ग्रामीणों द्वारा पंचायत निधि के दुरुपयोग, फर्जी फर्मों के माध्यम से भुगतान, संदिग्ध वाउचर और पुराने कार्यों पर दोबारा भुगतान जैसे आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।