{"_id":"6156030c8ebc3e87eb686311","slug":"meeting-auraiya-news-knp6555017173","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी भी दशा में पराली न जलाएं-डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी भी दशा में पराली न जलाएं-डीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। कलक्ट्रेट में गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में पंजीकृत कंबाइन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम से ही फसलों की कटाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि किसी भी दशा में पराली न जलाई जाए। पराली जलाने से कई तरह की बीमारियां फैलती हैं।
जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम नहीं लगा है तो वह सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के विकल्प के रूप में अन्य फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र जैसे सुपर सीडर, स्ट्रारीपर, स्ट्रारेक व बेलर, मल्चर, पैड़ी स्ट्रॉचॉपर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, रिर्वेसेबुल एमबी प्लाऊ आदि की उपलब्धता के बगैर कटाई का कार्य न करें। यदि किसी कंबाइन हार्वेस्टर के द्वारा कटाई का कार्य किया जा रहा है तो प्रणाली के प्रबंधन की जिम्मेदारी हार्वेस्टर संचालक व किसान दोनों की है। किसी भी दशा में पराली नहीं जलाई जानी चाहिए है।
उन्होंने कहा कि सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि अन्य प्रदेश व अन्य जनपदों में पंजीकृत कंबाइन हार्वेस्टर को जनपद में सुपरस्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा इन सीटू यंत्रों की उपलब्धता होने पर ही जनपद में प्रवेश करने दिया जाए। यदि कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर बिना सुपर एसएमएस अथवा फसल अवशेष प्रबंधन के अन्य यंत्रों को प्रयोग में लाए बगैर कटाई का कार्य करते हुए पाया जाए तो कंबाइन हार्वेस्टर को तत्काल सीज किया जाए। उप कृषि निदेशक डॉ.अशोक तिवारी ने बताया कि जिले में पंजीकृत समस्त कंबाइन हार्वेस्टरों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसमें कंबाइन हार्वेस्टर मालिक कटाई करते समय अपनी लोकेशन एवं फोटो भेजेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम नहीं लगा है तो वह सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के विकल्प के रूप में अन्य फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र जैसे सुपर सीडर, स्ट्रारीपर, स्ट्रारेक व बेलर, मल्चर, पैड़ी स्ट्रॉचॉपर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, रिर्वेसेबुल एमबी प्लाऊ आदि की उपलब्धता के बगैर कटाई का कार्य न करें। यदि किसी कंबाइन हार्वेस्टर के द्वारा कटाई का कार्य किया जा रहा है तो प्रणाली के प्रबंधन की जिम्मेदारी हार्वेस्टर संचालक व किसान दोनों की है। किसी भी दशा में पराली नहीं जलाई जानी चाहिए है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि अन्य प्रदेश व अन्य जनपदों में पंजीकृत कंबाइन हार्वेस्टर को जनपद में सुपरस्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा इन सीटू यंत्रों की उपलब्धता होने पर ही जनपद में प्रवेश करने दिया जाए। यदि कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर बिना सुपर एसएमएस अथवा फसल अवशेष प्रबंधन के अन्य यंत्रों को प्रयोग में लाए बगैर कटाई का कार्य करते हुए पाया जाए तो कंबाइन हार्वेस्टर को तत्काल सीज किया जाए। उप कृषि निदेशक डॉ.अशोक तिवारी ने बताया कि जिले में पंजीकृत समस्त कंबाइन हार्वेस्टरों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसमें कंबाइन हार्वेस्टर मालिक कटाई करते समय अपनी लोकेशन एवं फोटो भेजेंगे।
विज्ञापन