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गो सेवक श्रमिकों का मानदेय तीन से पांच हजार हुआ
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औरैया। गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना उनके क्रियान्वयन एवं प्रबंधन के अनुश्रवण के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सोमवार को डीएम अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में हुई। बैठक में डीएम ने गो सेवक श्रमिकों को मानदेय पांच हजार करने का निर्देश दिया।
बैठक में डीएम अभिषेक सिंह ने पशुपालक द्वारा पशुओं को छोड़ने पर जुर्माना करने, गोशाला में संरक्षित पशुओं के भरण पोषण एवं रखरखाव की व्यवस्था करने, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना की प्रगति, अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाने, चारागाह भूमि को कृषि योग्य उपजाऊ बनाकर हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने, गो संरक्षण एवं संवर्धन कोष की स्थापना करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंशो के संरक्षण का कार्य कर रहे गो सेवक श्रमिकों के पारिश्रमिक बढ़ाने का फैसला लिया गया। मानदेय बढ़ाने को लेकर गठित समिति की संस्तुति पर जिलाधिकारी द्वारा गौ सेवक श्रमिकों का मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चारागाह की जमीन को उपजाऊ बनाएं एवं वहां पर हरी घास व चारा उगवाएं और उसे भरण पोषण के लिए गोवंशो को दिया जाए। उन्होंने सीवीओ अनिल कुमार को निर्देश दिए कि कमजोर गोवंशो का टेस्ट कराएं एवं हरा चारा, भूसा दाना आदि देकर उन्हें स्वस्थ किया जाए। उन्होंने एडीएम रेखा एस चौहान को भी निर्देश दिए कि अभियान चलाने के बाद भी यदि कोई अन्ना गोवंश सड़क पर पाया जाता है तो संबंधित नगर निकाय से पांच सौ रूपये जुर्माने के तौर पर वसूला जाए।
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बैठक में डीएम अभिषेक सिंह ने पशुपालक द्वारा पशुओं को छोड़ने पर जुर्माना करने, गोशाला में संरक्षित पशुओं के भरण पोषण एवं रखरखाव की व्यवस्था करने, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना की प्रगति, अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाने, चारागाह भूमि को कृषि योग्य उपजाऊ बनाकर हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने, गो संरक्षण एवं संवर्धन कोष की स्थापना करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंशो के संरक्षण का कार्य कर रहे गो सेवक श्रमिकों के पारिश्रमिक बढ़ाने का फैसला लिया गया। मानदेय बढ़ाने को लेकर गठित समिति की संस्तुति पर जिलाधिकारी द्वारा गौ सेवक श्रमिकों का मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया गया।
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जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चारागाह की जमीन को उपजाऊ बनाएं एवं वहां पर हरी घास व चारा उगवाएं और उसे भरण पोषण के लिए गोवंशो को दिया जाए। उन्होंने सीवीओ अनिल कुमार को निर्देश दिए कि कमजोर गोवंशो का टेस्ट कराएं एवं हरा चारा, भूसा दाना आदि देकर उन्हें स्वस्थ किया जाए। उन्होंने एडीएम रेखा एस चौहान को भी निर्देश दिए कि अभियान चलाने के बाद भी यदि कोई अन्ना गोवंश सड़क पर पाया जाता है तो संबंधित नगर निकाय से पांच सौ रूपये जुर्माने के तौर पर वसूला जाए।
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