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बैठक में शिक्षकों ने कहा कि वेतन नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
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फोटो 12एयूआरपी14- बैठक के दौरान विचार विमर्श करते शिक्षक नेता व पदाधिकारी
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की बैठक बुधवार को दिबियापुर रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। बैठक में शिक्षकों ने चार महीने से वेतन न मिलने का मुद्दा उठाया। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही बकाया वेतन का भुगतान न किया गया तो आंदोलन करेंगे।
बैठक में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि इस बारे में शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों से कई मर्तबा वार्ता की जा चुकी है, लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है। अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष ओम चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रहे हैं। इसके बाद भी वेतन समय से नहीं मिल रहा है। चार माह से वेतन न मिलने से शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई शिक्षक उधार व ब्याज पर रुपये लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने को बाध्य हैं। तीन माह से विकलांग शिक्षकों का वेतन व अन्य भुगतान भी लंबित पड़ा है।
बैठक में कहा गया कि यदि शीघ्र शिक्षकों को वेतन न मिला तो बेसिक शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर वेतन दिलाए जाने की मांग की जाएगी। जल्द वेतन नहीं मिला तो वह धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान पंकज कुमार तिवारी, कुमार मंगलम, राजेंद्र सिंह, नरेश मिश्रा, सुभाष चंद्र शर्मा, प्रशांत, आशुतोष द्विवेदी, मुकेश त्रिपाठी व श्रीराम शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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बैठक में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि इस बारे में शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों से कई मर्तबा वार्ता की जा चुकी है, लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है। अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष ओम चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रहे हैं। इसके बाद भी वेतन समय से नहीं मिल रहा है। चार माह से वेतन न मिलने से शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई शिक्षक उधार व ब्याज पर रुपये लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने को बाध्य हैं। तीन माह से विकलांग शिक्षकों का वेतन व अन्य भुगतान भी लंबित पड़ा है।
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बैठक में कहा गया कि यदि शीघ्र शिक्षकों को वेतन न मिला तो बेसिक शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर वेतन दिलाए जाने की मांग की जाएगी। जल्द वेतन नहीं मिला तो वह धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान पंकज कुमार तिवारी, कुमार मंगलम, राजेंद्र सिंह, नरेश मिश्रा, सुभाष चंद्र शर्मा, प्रशांत, आशुतोष द्विवेदी, मुकेश त्रिपाठी व श्रीराम शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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