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Auraiya News: नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 12 साल की कैद

Sat, 30 May 2026 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sat, 30 May 2026 12:06 AM IST
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Man sentenced to 12 years in prison for kidnapping and raping a minor
औरैया। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने अछल्दा थाना क्षेत्र से लगभग छह साल पूर्व एक किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को 12 साल की सजा सुनाई है।
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इसके अलावा कोर्ट ने दोषी पर 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार अछल्दा थाना में मामले में रिपोर्ट लिखाई थी, जिसमें वादी ने बताया कि 29 फरवरी 2020 की रात करीब एक बजे विपिन उर्फ अप्पी सविता उनकी 16 वर्षीय बेटी का अपहरण कर ले गया था। रिपोर्ट के आधार पर अछल्दा पुलिस ने अपहरण, पाॅक्सो का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की।
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इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी कर लड़की को परिजन के सुपुर्द कर दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम कोर्ट में चला तथा शुक्रवार को इसका निर्णय सुनाया गया।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने विपिन को 12 वर्ष की सजा सुनाई। कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले में जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया। दोषी विपिन को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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अतिक्रमण हटाने का आदेश बरकरार, खारिज की निगरानी याचिका





औरैया। अयाना थाना क्षेत्र के गांधी माध्यमिक विद्यालय के पास सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जे के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में अतिक्रमण हटाने का आदेश बरकरार रखा गया है। निगरानी याचिका खारिज कर दी गई है।

दरअसल, धर्मेंद्र सिंह व अन्य ने मुख्य मार्ग पर चबूतरे व अवैध छज्जा निकालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया था, जिससे विद्युत पोल छज्जे के अंदर आने से हादसे का खतरा बना हुआ था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोक न्यूसेंस को हटाने के लिए एसडीएम का आदेश पूरी तरह न्यायोचित है।




अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजीव कुमार वत्स की कोर्ट ने एसडीएम अजीतमल के अतिक्रमण हटाने और नक्शे के अनुसार रास्ता खुलवाने के आदेश को बरकरार रखा है। इसके साथ ही कोर्ट ने अतिक्रमणकर्ता धर्मेंद्र सिंह की फौजदारी निगरानी याचिका को खारिज कर दिया। (संवाद)
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