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शव को ठिकाने लगाने में रतीराम ने निभाई अहम भूमिका, हत्या कर शव को फेंका
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औरैया सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव इकौरापुर में सिर, हाथ काटकर सेंगर नदी में फेंके गए युवक के शव के मामले में हत्यारोपियों के साथ घटना को अंजाम देते हुए रतीराम ने शव को ठिकाने लगाया था। पुलिस ने अन्य तीन हत्यारोपियों के साथ चौथे हत्यारोपी रतीराम को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इकौरापुर गांव में नदी से बरामद वीरेंद्र (24) पुत्र स्व.हरीशंकर के शव के मामले में गिरफ्तार चौथे हत्यारोपी रतीराम निषाद पुत्र रामनाथ निषाद निवासी बहादुरपुर ने हत्या के बाद वीरेंद्र के शव को ठिकाने लगाने में बालकराम की मदद की थी।
इस संबंध में सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने बताया कि हत्या के समय रतीराम जंगल में ही मौके पर मौजूद था। वीरेंद्र की हत्या करने में मदद की थी। यही नहीं जब युवक का सिर व दोनों हाथ काट दिए तो अन्य हत्यारोपियों के हाथ-पैर फूल गए। जिस पर रतीराम ने बालकराम व अन्य दोनों हत्यारोपियों के साथ शव को बोरी में बंद करवाकर ठिकाने लगाने के लिए सेंगर नदी तक पहुंचाने में मदद की थी।
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बताया कि हत्यारोपी रतीराम बालकराम का मित्र था। उसी दोस्ती को निभाते हुए उसने वीरेंद्र की हत्या करने में बालकराम की पूरी मदद की। उन्होंने बताया कि रतीराम को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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इकौरापुर गांव में नदी से बरामद वीरेंद्र (24) पुत्र स्व.हरीशंकर के शव के मामले में गिरफ्तार चौथे हत्यारोपी रतीराम निषाद पुत्र रामनाथ निषाद निवासी बहादुरपुर ने हत्या के बाद वीरेंद्र के शव को ठिकाने लगाने में बालकराम की मदद की थी।
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इस संबंध में सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने बताया कि हत्या के समय रतीराम जंगल में ही मौके पर मौजूद था। वीरेंद्र की हत्या करने में मदद की थी। यही नहीं जब युवक का सिर व दोनों हाथ काट दिए तो अन्य हत्यारोपियों के हाथ-पैर फूल गए। जिस पर रतीराम ने बालकराम व अन्य दोनों हत्यारोपियों के साथ शव को बोरी में बंद करवाकर ठिकाने लगाने के लिए सेंगर नदी तक पहुंचाने में मदद की थी।
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बताया कि हत्यारोपी रतीराम बालकराम का मित्र था। उसी दोस्ती को निभाते हुए उसने वीरेंद्र की हत्या करने में बालकराम की पूरी मदद की। उन्होंने बताया कि रतीराम को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।