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दहेज हत्या में पति को उम्रकैद
औरैया
Updated Wed, 08 Mar 2017 12:05 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैसी ने थाना अछल्दा क्षेत्र के ग्राम गंगादासपुर में एक नवविवाहिता के जलकर मौत होने के मामले में पुलिस के आत्महत्या के दुष्प्रेरण के आरोप पत्र को नकारते हुए दहेज हत्या व प्रताड़ना का मामला माना है। आरोपी पति दिनेश को उम्रकैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने गलत विवेचना करने पर तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवराज सिंह की सत्य निष्ठा पर सवाल खड़े करते हुए पुलिस महानिदेशक को आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा है ।
घटना कि रिपोर्ट शेर सिंह पुत्र सहदेव सिंह निवासी ग्राम टापा कला थाना फिरोजाबाद ने 21 सितंबर 2012 को थाना अछल्दा में दर्ज कराई है। बताया कि पुत्री संगीता की शादी दिनेश पुत्र बालक राम निवासी गंगादासपुरा थाना अछल्दा के साथ 15 जनवरी 2007 को की थी। शादी के तुरंत बाद सास शकुंतला उर्फ सुआ देवी तथा दीवान सिंह दहेज में मोटरसाइकिल, सोने की चेन तथा 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। इसके संबंध में पुत्री ने बताया था। रक्षाबंधन पर वादी लड़की को घर पर बुला कर लाए थे। तब संगीता ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। इन लोगों ने लड़की को समझा बुझाकर ससुराल भेज दिया।
14 दिसंबर 2012 को रात 11 बजे फोन से वादी को मालूम हुआ कि लड़की आग लग जाने से मर गई है। वह सैफई पहुंचा तो ससुरालीजन गायब मिले। पति दिनेश पर भी पुत्री को मारने पीटने व हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। यह मुकदमा अछल्दा थाने में लिखा गया। विवेचना तत्कालीन सीओ शिवराज सिंह को सौंपी गई। सीओ ने प्रथमदृष्टा इसे आत्महत्या मानते हुएआत्महत्या दुष्प्रेरण की धारा 306 का आरोप पत्र कोर्ट में भेज दिया है । कोर्ट ने 29 नवंबर 2013 को धारा 306 की जगह पति पर 304 बी, 498ए, व 314 दहेज अधीनियम का आरोप सृजित किया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायालय में चला।
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अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह तोमर व बचाव पक्ष के न्यायमित्रों के तर्कों को सुनने के बाद सत्र न्यायधीश हसनैन कुरैसी ने अभियुक्त पति दिनेश को दहेज हत्या 304बी में उम्रकैद से दंडित किया है। धारा 498ए, दहेज प्रताड़ना में दो वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये का अर्थदंड तथा धारा चार दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस प्रकरण में बिताई गई कारावास सजा इसमें समायोजित होगी ।
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घटना कि रिपोर्ट शेर सिंह पुत्र सहदेव सिंह निवासी ग्राम टापा कला थाना फिरोजाबाद ने 21 सितंबर 2012 को थाना अछल्दा में दर्ज कराई है। बताया कि पुत्री संगीता की शादी दिनेश पुत्र बालक राम निवासी गंगादासपुरा थाना अछल्दा के साथ 15 जनवरी 2007 को की थी। शादी के तुरंत बाद सास शकुंतला उर्फ सुआ देवी तथा दीवान सिंह दहेज में मोटरसाइकिल, सोने की चेन तथा 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। इसके संबंध में पुत्री ने बताया था। रक्षाबंधन पर वादी लड़की को घर पर बुला कर लाए थे। तब संगीता ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। इन लोगों ने लड़की को समझा बुझाकर ससुराल भेज दिया।
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14 दिसंबर 2012 को रात 11 बजे फोन से वादी को मालूम हुआ कि लड़की आग लग जाने से मर गई है। वह सैफई पहुंचा तो ससुरालीजन गायब मिले। पति दिनेश पर भी पुत्री को मारने पीटने व हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। यह मुकदमा अछल्दा थाने में लिखा गया। विवेचना तत्कालीन सीओ शिवराज सिंह को सौंपी गई। सीओ ने प्रथमदृष्टा इसे आत्महत्या मानते हुएआत्महत्या दुष्प्रेरण की धारा 306 का आरोप पत्र कोर्ट में भेज दिया है । कोर्ट ने 29 नवंबर 2013 को धारा 306 की जगह पति पर 304 बी, 498ए, व 314 दहेज अधीनियम का आरोप सृजित किया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायालय में चला।
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अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह तोमर व बचाव पक्ष के न्यायमित्रों के तर्कों को सुनने के बाद सत्र न्यायधीश हसनैन कुरैसी ने अभियुक्त पति दिनेश को दहेज हत्या 304बी में उम्रकैद से दंडित किया है। धारा 498ए, दहेज प्रताड़ना में दो वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये का अर्थदंड तथा धारा चार दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस प्रकरण में बिताई गई कारावास सजा इसमें समायोजित होगी ।