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तीन सालों की शुल्क बढ़ोत्तरी बताएं विद्यालय
औरैया
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिले के सभी स्कूलों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पत्र भेजकर पिछले तीन सालों में छात्रों से वसूली जाने वाली फीस व अन्य शुल्क का विवरण मांगा है। साथ ही तीन सालों में फीस व शुल्क में बढ़ोत्तरी की जानकारी भी मांगी गई है।
छात्रों से अधिक शुल्क न वसूलने को लेकर विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की है। संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल के निर्देश पर डीआईओएस ने जिले के सभी विद्यालयों को पत्र जारी कर तीन सालों का हिसाब मांगा है।
डीआईओएस चंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी इंटर कालेजों, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा गया है। एक प्रारूप भी दिया गया है। इस प्रारूप को विद्यालय प्रशासन को दो दिन में जमा करना है।
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प्रमुख रूप से स्कूलों को बताना होगा कि वह किस कक्षा में कितनी फीस ले रहे हैं। किस तरह का कितना शुल्क लिया जा रहा है। तीन सालों में छात्रों से वसूली गई फीस व शुल्क के साथ ही बढ़ोत्तरी के संबंध में जानकारी भी देनी है। डीआईओएस ने बताया कि जिस विद्यालय से दो दिन के अंदर यह प्रारूप भरकर जमा नहीं किया जाएगा, उस विद्यालय की रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेज दी जाएगी। ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी।
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छात्रों से अधिक शुल्क न वसूलने को लेकर विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की है। संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल के निर्देश पर डीआईओएस ने जिले के सभी विद्यालयों को पत्र जारी कर तीन सालों का हिसाब मांगा है।
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डीआईओएस चंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी इंटर कालेजों, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा गया है। एक प्रारूप भी दिया गया है। इस प्रारूप को विद्यालय प्रशासन को दो दिन में जमा करना है।
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प्रमुख रूप से स्कूलों को बताना होगा कि वह किस कक्षा में कितनी फीस ले रहे हैं। किस तरह का कितना शुल्क लिया जा रहा है। तीन सालों में छात्रों से वसूली गई फीस व शुल्क के साथ ही बढ़ोत्तरी के संबंध में जानकारी भी देनी है। डीआईओएस ने बताया कि जिस विद्यालय से दो दिन के अंदर यह प्रारूप भरकर जमा नहीं किया जाएगा, उस विद्यालय की रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेज दी जाएगी। ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी।