{"_id":"5e4595b68ebc3ee5be4c8f29","slug":"kavi-sam-auraiya-news-knp5444628120","type":"story","status":"publish","title_hn":"...उन्हें खुलकर बताया है कि जनता ही सिकंदर है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...उन्हें खुलकर बताया है कि जनता ही सिकंदर है
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिबियापुर (औरैया)। जिसके दिल में भारत माता का सम्मान नहीं, वो जाहिल शैतान सरीखा हो सकता इंसान नहीं.....। दिबियापुर में आयोजित कवि सम्मेलन में यह पक्तियां ओज कवि रोहित चौधरी ने पढ़ीं तो हाल तालियों से गूंज उठा। कवि सम्मेलन का उद्घाटन राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर हरि किशोर तिवारी ने किया। मुख्य अतिथि हरि किशोर तिवारी का स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया।
हाल ही में आए दिल्ली चुनाव के परिणामों पर रोहित चौधरी ने कटाक्ष करते हुए अपनी पंक्तियों के माध्यम से जनता को सिकंदर बताया। स्वयं आकर कई नदियां आकर डूबी समंदर है, तुम्हारे सर पर रखती ताज पर खुद ही कलंदर है, खुदा खुद को समझते हैं जरा सी शोहरतें पाकर, उन्हें खुलकर बताया है कि जनता ही सिकंदर है। राष्ट्रीय कवि लटूरी सिंह लट्ठ ने मंच का संचालन करते हुए अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को जमकर गुदगुदाया। औरैया के अजय अंजाम ने कहा, है किसमें दम जो हमसे छीन ले पहचान यह अपनी, हमारे जिस्म से आती है हिंदुस्तान की खुशबू,। फिरोजाबाद के कवि प्रवीण कुमार पांडे ने श्रृंगार रस की कविता पढ़ी तो गीता चतुर्वेदी ने गीत गाकर समां बांध दिया। युवा कवि गोपाल पांडे ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को आकर्षित किया। सम्मेलन में डॉ. अरविंद शुक्ला, पूर्व प्रधान धीरेंद्र तिवारी, कमलेश चतुर्वेदी, सभासद राहुल दीक्षित, अखिलेश यादव, रिचा शुक्ला व सूरज प्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हाल ही में आए दिल्ली चुनाव के परिणामों पर रोहित चौधरी ने कटाक्ष करते हुए अपनी पंक्तियों के माध्यम से जनता को सिकंदर बताया। स्वयं आकर कई नदियां आकर डूबी समंदर है, तुम्हारे सर पर रखती ताज पर खुद ही कलंदर है, खुदा खुद को समझते हैं जरा सी शोहरतें पाकर, उन्हें खुलकर बताया है कि जनता ही सिकंदर है। राष्ट्रीय कवि लटूरी सिंह लट्ठ ने मंच का संचालन करते हुए अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को जमकर गुदगुदाया। औरैया के अजय अंजाम ने कहा, है किसमें दम जो हमसे छीन ले पहचान यह अपनी, हमारे जिस्म से आती है हिंदुस्तान की खुशबू,। फिरोजाबाद के कवि प्रवीण कुमार पांडे ने श्रृंगार रस की कविता पढ़ी तो गीता चतुर्वेदी ने गीत गाकर समां बांध दिया। युवा कवि गोपाल पांडे ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को आकर्षित किया। सम्मेलन में डॉ. अरविंद शुक्ला, पूर्व प्रधान धीरेंद्र तिवारी, कमलेश चतुर्वेदी, सभासद राहुल दीक्षित, अखिलेश यादव, रिचा शुक्ला व सूरज प्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन