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ठहरा कालिंदी का ज्वार
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:50 AM IST
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तीन दिनों से कोटा बैराज से छोड़े गए पानी के चलते यमुना का जलस्तर डेंजर प्वाइंट 113 मीटर के बिंदु को छूने की ओर अग्रसर हो चला था। मंगलवार शाम तक जलस्तर 112.40 सेमी पहुंच गया था, जिससे यमुना नदी में जबरदस्त कोलाहल शुरू हो गया था।
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हालांकि बुधवार सुबह से ही पानी का बहाव थम जाने से यमुना के जलस्तर में शांति दिखाई देने लगी है।
राजस्थान के राजीव सागर, कोटा बैराज व इंदिरा सागर से पानी छोड़े जाने के चलते पिछले तीन दिनों से शेरगढ़ घाट स्थित यमुना में पानी का जलस्तर ऊपर की ओर बढ़त बनाए हुए था।
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107.0 सेमी से शुरू हुई पानी की बढ़त मंगलवार शाम तक 112.40 तक पहुंच गई। इसके चलते जिला स्तरीय अधिकारियों को अलर्ट तक जारी करने पड़े, जबकि केंद्रीय जल आयोग विभाग के अधिकारी व कर्मचारी यमुना में बढ़ रहे जलस्तर पर पल-पल नजरें लगाए रहे।
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पिछले तीन दिनों में हालत यह रही रात-रात भर कर्मचारियों को जाग-जाग कर पानी की नापजोख कर उच्चाधिकारियों को सूचना देनी पड़ी। हालांकि बुधवार सुबह से ही यमुना के जलस्तर ने शांति की राह पकड़ी। दोपहर एक बजे 112.40 पर ही पानी स्थित बना रहा।
बताया कि पीछे से छोड़ा जाने वाला पानी अब बंद कर दिया गया है। इसके चलते यमुना के जलस्तर में ठहराव आना शुरू हो गया है। वहीं बुधवार की शाम तक जल स्तर का पैमाना 111.83 सेमी पहुंच गया था। इससे जिला प्रशासन सहित यमुना किनारे के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली।