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Auraiya News: हिंदी व गणित में दक्ष होंगे जूनियर स्तर के विद्यार्थी
Fri, 11 Aug 2023 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 11 Aug 2023 12:25 AM IST
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औरैया। बच्चों का शैक्षिक आंकलन कर अब उन्हें गणित और हिंदी में दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से 50 दिवसीय रीमिडियल शिक्षण कार्य किया जाएगा। पहले चरण में विद्यार्थियों का अधिगम स्तर पता किया जाएगा। बाद में सुधार कर उनका ज्ञान बढ़ाया जाएगा।
जिले में जूनियर व कंपोजिट स्कूल में कक्षा छह से आठ तक में पंजीकृत विद्यार्थियों को हिंदी व गणित में निपुण बनाया जाएगा। पहले चरण में स्कूल में पंजीकृत विद्यार्थियों का हिंदी एवं गणित विषयों में ज्ञान परखा जाएगा।
लर्निंग आउट कम को समाप्त करने के लिए शिक्षक कार्य करेंगे। आकलन के बाद एसआरजी व एआरपी स्कूल भ्रमण के समय बच्चों को विशेष विधि से शिक्षित कर ज्ञान वृद्धि में सहयोग करेंगे।
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शिक्षण कार्य में कक्षावार सामग्रियां, पाठ्य पुस्तक, कार्य पुस्तिकाएं गतिविधियों के लिए विज्ञान एवं गणित किट का प्रयोग किया जाएगा। प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन के साथ निगरानी का प्रबंध किया जाएगा। इस विधि से बच्चों को दक्ष करने के बाद रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि परिषदीय स्कूल में पंजीकृत बच्चों का शैक्षिक ज्ञान बढ़ाने के लिए लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है। शिक्षकों का समय-समय पर आधुनिक शिक्षा विधि में प्रशिक्षित किया जाता है। परियोजना निदेशक के निर्देश पर जिले में रेमिडियल शिक्षण की तैयारी पूरी कर सभी जिम्मेदारी दी गई है।
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जिले में जूनियर व कंपोजिट स्कूल में कक्षा छह से आठ तक में पंजीकृत विद्यार्थियों को हिंदी व गणित में निपुण बनाया जाएगा। पहले चरण में स्कूल में पंजीकृत विद्यार्थियों का हिंदी एवं गणित विषयों में ज्ञान परखा जाएगा।
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लर्निंग आउट कम को समाप्त करने के लिए शिक्षक कार्य करेंगे। आकलन के बाद एसआरजी व एआरपी स्कूल भ्रमण के समय बच्चों को विशेष विधि से शिक्षित कर ज्ञान वृद्धि में सहयोग करेंगे।
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शिक्षण कार्य में कक्षावार सामग्रियां, पाठ्य पुस्तक, कार्य पुस्तिकाएं गतिविधियों के लिए विज्ञान एवं गणित किट का प्रयोग किया जाएगा। प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन के साथ निगरानी का प्रबंध किया जाएगा। इस विधि से बच्चों को दक्ष करने के बाद रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि परिषदीय स्कूल में पंजीकृत बच्चों का शैक्षिक ज्ञान बढ़ाने के लिए लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है। शिक्षकों का समय-समय पर आधुनिक शिक्षा विधि में प्रशिक्षित किया जाता है। परियोजना निदेशक के निर्देश पर जिले में रेमिडियल शिक्षण की तैयारी पूरी कर सभी जिम्मेदारी दी गई है।