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जैतापुर में बुखार ने पसारे पांव
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:10 AM IST
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-तालाब की सफाई न होने पर आकोश जताते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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सदर विकास खंड के ग्राम जैतापुर में तालाब में गंदगी के कारण गांव में बीमारी ने पैर पसार लिए हैं। हालात यह हैं कि गांव में करीब आधा दर्जन से अधिक लोग वायरल बुखार की चपेट में हैं। कई लोगों का महीनों से उपचार चल रहा है। लोगों का आरोप है कि बीमारी फैलने के बाद भी गांव में सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
ग्राम जैतापुर में बने तालाब में पूरे गांव का मलबा व गंदगी डाली जाती है। यही नहीं सफाई कर्मचारी भी गांव से गंदगी भरकर लाने के बाद तालाब में ही पलट देता है। इससे लोग वायरल बुखार की चपेट में आ गए हैं। यहां तक की स्कूली बच्चे ही बीमार हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान से कई बार तालाब की सफाई कराने की कहने के बाद भी कुछ नहीं कराया जा रहा है। जिससे लोग परेशान हैं।
ग्राम प्रधान अभिषेक यादव ने बताया कि गांव के तालाब की गंदगी दूर कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन को लिखित रूप से शिकायती पत्र दिया गया। मनरेगा योजना से सफाई कराए जाने का प्रस्ताव दिया गया। लेकिन आज तक उनके प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं दी गई। ऐसे में वह भी मजबूर हैं।
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ग्राम जैतापुर में बने तालाब में पूरे गांव का मलबा व गंदगी डाली जाती है। यही नहीं सफाई कर्मचारी भी गांव से गंदगी भरकर लाने के बाद तालाब में ही पलट देता है। इससे लोग वायरल बुखार की चपेट में आ गए हैं। यहां तक की स्कूली बच्चे ही बीमार हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान से कई बार तालाब की सफाई कराने की कहने के बाद भी कुछ नहीं कराया जा रहा है। जिससे लोग परेशान हैं।
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ग्राम प्रधान अभिषेक यादव ने बताया कि गांव के तालाब की गंदगी दूर कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन को लिखित रूप से शिकायती पत्र दिया गया। मनरेगा योजना से सफाई कराए जाने का प्रस्ताव दिया गया। लेकिन आज तक उनके प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं दी गई। ऐसे में वह भी मजबूर हैं।
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