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सिंचाई संकट : 42 ऑपरेटरों के भरोसे 391 सरकारी नलकूप
Wed, 27 May 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 27 May 2026 12:11 AM IST
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फोटो -10- अरविंद कुमार। संवाद
औरैया। इस समय भीषण गर्मी जारी है। इससे फसलों को बचाने के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता है। इसके बावजूद सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही और मैनपावर की कमी के कारण सरकारी नलकूप सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
जिले में कुल 391 नलकूप संचालित हैं लेकिन सिर्फ 42 पंप चालक ही तैनात हैं। इनमें से भी अधिकांश जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में नलकूपों का संचालन ठप पड़ा है।
जनपद में कुछ स्थानों पर नलकूल खराब पड़े हैं। सालों से इन्हें ठीक नहीं कराया जा सका है। बिधूना के नरायनपुर भानू में तो सरकारी नलकूप पिछले सात सालों से बंद पड़ा है। इनके ताले ही नहीं खुल रहे। क्षेत्रीय किसानों को निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी लागत बढ़ रही है। विभाग के अनुसार विद्युत दोष से दो और तकनीकी कमी के कारण तीन नलकूप बंद हैं। जिन्हें ठीक कराने के लिए विभाग प्रयासरत है।
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चहेतों के पास चाबी, मनमर्जी से चल रहे नलकूप
क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि जो पंप ऑपरेटर तैनात हैं वे ड्यूटी पर आने के बजाय अपने किसी परिचित या चहेते को नलकूप की चाबी सौंप देते हैं। वह व्यक्ति अपनी मनमर्जी के अनुसार नलकूप चलाता है। इसके चलते रसूखदार लोगों को तो पानी मिल जाता है लेकिन आम और छोटे किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
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धान की नर्सरी और रोपाई पर संकट
किसानों ने बताया कि आने वाले दिनों में धान की पौध डालने और फिर उसकी रोपाई का काम शुरू होना है। यदि नलकूपों के संचालन की यही स्थिति रही तो समय पर पानी न मिलने से धान की रोपाई पिछड़ जाएगी। -मेघनाथ, नरायनपुर भानू
सरकारी ट्यूबवेल तो लगे हैं लेकिन ऑपरेटर कभी दिखाई नहीं देते। वे गांव के ही किसी व्यक्ति को चाभी दे जाते हैं जो अपनी मर्जी से पानी देता है। अगर यही हाल रहा तो हम धान की रोपाई कैसे करेंगे।-अरविंद कुमार, किसान
सरकारी नलकूपों के बंद रहने या समय पर न चलने से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे किसानों का हो रहा है। नहरों में पानी नहीं है और सरकारी ट्यूबवेल शोपीस बने हैं। अगर प्रशासन ने जल्द ही ऑपरेटरों की स्थाई व्यवस्था नहीं की तो फसलें दम तोड़ देंगी।-भूरे, किसान
जांच कराई जाएगी
जनपद में पंप ऑपरेटरों की कमी है। शासन स्तर से ऑपरेटरों की भर्ती नहीं की जा रही है। जहां तक चाबी किसी बाहरी व्यक्ति को देने और मनमर्जी से नलकूप चलाने की शिकायत है उसकी जांच कराई जाएगी। किसी भी दोषी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। किसानों को सिंचाई के लिए रोस्टर के अनुसार पानी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
-अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता, नलकूप खंड औरैया
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जिले में कुल 391 नलकूप संचालित हैं लेकिन सिर्फ 42 पंप चालक ही तैनात हैं। इनमें से भी अधिकांश जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में नलकूपों का संचालन ठप पड़ा है।
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जनपद में कुछ स्थानों पर नलकूल खराब पड़े हैं। सालों से इन्हें ठीक नहीं कराया जा सका है। बिधूना के नरायनपुर भानू में तो सरकारी नलकूप पिछले सात सालों से बंद पड़ा है। इनके ताले ही नहीं खुल रहे। क्षेत्रीय किसानों को निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी लागत बढ़ रही है। विभाग के अनुसार विद्युत दोष से दो और तकनीकी कमी के कारण तीन नलकूप बंद हैं। जिन्हें ठीक कराने के लिए विभाग प्रयासरत है।
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चहेतों के पास चाबी, मनमर्जी से चल रहे नलकूप
क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि जो पंप ऑपरेटर तैनात हैं वे ड्यूटी पर आने के बजाय अपने किसी परिचित या चहेते को नलकूप की चाबी सौंप देते हैं। वह व्यक्ति अपनी मनमर्जी के अनुसार नलकूप चलाता है। इसके चलते रसूखदार लोगों को तो पानी मिल जाता है लेकिन आम और छोटे किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
धान की नर्सरी और रोपाई पर संकट
किसानों ने बताया कि आने वाले दिनों में धान की पौध डालने और फिर उसकी रोपाई का काम शुरू होना है। यदि नलकूपों के संचालन की यही स्थिति रही तो समय पर पानी न मिलने से धान की रोपाई पिछड़ जाएगी। -मेघनाथ, नरायनपुर भानू
सरकारी ट्यूबवेल तो लगे हैं लेकिन ऑपरेटर कभी दिखाई नहीं देते। वे गांव के ही किसी व्यक्ति को चाभी दे जाते हैं जो अपनी मर्जी से पानी देता है। अगर यही हाल रहा तो हम धान की रोपाई कैसे करेंगे।-अरविंद कुमार, किसान
सरकारी नलकूपों के बंद रहने या समय पर न चलने से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे किसानों का हो रहा है। नहरों में पानी नहीं है और सरकारी ट्यूबवेल शोपीस बने हैं। अगर प्रशासन ने जल्द ही ऑपरेटरों की स्थाई व्यवस्था नहीं की तो फसलें दम तोड़ देंगी।-भूरे, किसान
जांच कराई जाएगी
जनपद में पंप ऑपरेटरों की कमी है। शासन स्तर से ऑपरेटरों की भर्ती नहीं की जा रही है। जहां तक चाबी किसी बाहरी व्यक्ति को देने और मनमर्जी से नलकूप चलाने की शिकायत है उसकी जांच कराई जाएगी। किसी भी दोषी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। किसानों को सिंचाई के लिए रोस्टर के अनुसार पानी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
-अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता, नलकूप खंड औरैया

फोटो -10- अरविंद कुमार। संवाद

फोटो -10- अरविंद कुमार। संवाद

फोटो -10- अरविंद कुमार। संवाद

फोटो -10- अरविंद कुमार। संवाद

फोटो -10- अरविंद कुमार। संवाद