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Auraiya News: 175 एकड़ की प्लास्टिक सिटी में करोड़ों के निवेश, सुविधाएं शून्य

Mon, 07 Sep 2026 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 07 Sep 2026 12:19 AM IST
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Investments worth crores in the 175-acre Plastic City, yet facilities are non-existent.
फोटो -17- प्लास्टिक सिटी के मुख्य रोड पर बनी पुलिया की स्थिति। संवाद
औरैया। ककोर के समीप लखनपुर स्थित प्लास्टिक सिटी में उद्योग धीरे-धीरे आकार ले रहे हैं। हालांकि, यहां मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही हैं। यूपीसीडा उद्यमियों से हर साल रखरखाव शुल्क वसूल रहा है। इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सड़कें जर्जर हैं, नालियां टूटकर गंदगी से पटी हैं और सीवर लाइनें चोक हैं। खाली जमीनों पर जलभराव से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उद्यमियों का कहना है कि निवेश के समय किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं।
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प्लास्टिक सिटी 175 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जिसमें कुल 332 भूखंड हैं। इनमें से 254 भूखंड सामान्य कंपनियों के लिए हैं, जबकि 78 भूखंड प्लास्टिक कंपनियों के लिए आरक्षित हैं। एक दशक बाद 133 भूखंडों का आवंटन उद्यमियों को हो सका था। अब 188 भूखंडों पर कंपनियां बनने का रास्ता साफ है। हालांकि, अभी भी खाली पड़े 144 भूखंडों का आवंटन होना बाकी है। यूपीसीडा के अनुसार, अगले आवंटन में उद्यमियों की संख्या और बढ़ेगी।
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सुविधाओं का अभाव होने से उद्यमियों की शिकायतें
प्लास्टिक सिटी में 10 से अधिक कंपनियां लगभग तैयार हैं और चार कंपनियों का संचालन भी शुरू हो गया है। वहीं, 15 से अधिक इकाइयों का निर्माण जारी है। औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। उद्यमियों का आरोप है कि कारखाने चलाने के लिए निर्बाध बिजली तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि निवेश के समय यूपीसीडा ने पार्क समेत कई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। लेकिन अब वादों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। प्लास्टिक सिटी में आज तक एक भी पार्क नजर नहीं आता है। यहां तक कि जल निकासी व्यवस्था भी नहीं है। प्लास्टिक सिटी को जाने वाली मुख्य सड़क तो बनाई जा रही है, लेकिन अंदर की सड़कें बदहाल हैं।
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जलभराव और अधूरे निर्माण की समस्या
प्लास्टिक सिटी के अंदर खाली पड़ी जमीनों पर चारों तरफ पानी भरा नजर आता है। बारिश के बाद जलभराव से स्थिति और गंभीर हो जाती है। उद्यमियों का कहना है कि जिन स्थानों पर नए उद्योग स्थापित होने हैं, वहां यदि जल निकासी की व्यवस्था ही नहीं है तो नए निवेशक अपना कारोबार कैसे शुरू करेंगे। प्लास्टिक सिटी से कंचौसी जाने वाले मार्ग पर पुलिया का निर्माण तो करा दिया गया है। परंतु पुलिया के दोनों ओर संपर्क मार्ग नहीं जोड़ा गया है। इससे वाहनों का आवागमन प्रभावित है और वाहन चालकों को लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि अधूरे संपर्क मार्ग के कारण पुलिया का निर्माण भी पूरी तरह उपयोगी साबित नहीं हो रहा है।
वर्जन----
उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों की ओर से उठाई जाने वाली समस्याओं का प्रमुखता से निस्तारण कराया जाता है। हाल ही में प्लास्टिक सिटी की मुख्य सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से लेकर अन्य इंतजाम किए गए हैं। अंदर की कुछ सड़कें भी बनाई गई हैं।

-देवेश चौहान, उद्यमी मित्र

फोटो -17- प्लास्टिक सिटी के मुख्य रोड पर बनी पुलिया की स्थिति। संवाद

फोटो -17- प्लास्टिक सिटी के मुख्य रोड पर बनी पुलिया की स्थिति। संवाद

फोटो -17- प्लास्टिक सिटी के मुख्य रोड पर बनी पुलिया की स्थिति। संवाद

फोटो -17- प्लास्टिक सिटी के मुख्य रोड पर बनी पुलिया की स्थिति। संवाद

फोटो -17- प्लास्टिक सिटी के मुख्य रोड पर बनी पुलिया की स्थिति। संवाद

फोटो -17- प्लास्टिक सिटी के मुख्य रोड पर बनी पुलिया की स्थिति। संवाद

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