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Auraiya News: जांच में फर्जी बैनामा की पुष्टि, उप निबंधक समेत 14 पर रिपोर्ट
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बिधूना। कूटरचित दस्तावेज से जमीन का फर्जी बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने उप निबंधक, प्रभारी उप निबंधक, अधिवक्ता समेत 14 पर रिपोर्ट दर्ज की है। ये फर्जीवाड़ा एक साल पहले बिधूना तहसील में हुआ था। शिकायत की जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने के बाद डीएम के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव रामगढ़ हरचंदपुर निवासी महेश चंद्र मध्य प्रदेश जनपद मुरैना के मोहल्ला वार्ड नंबर सात पंजाबी गली जौरा में रहते हैं। वह सिंचाई विभाग से 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे। बताया कि उनकी जमीन बिधूना तहसील के गांव जागुपुर में है। छह अगस्त 2024 को जानकारी मिली कि कुछ लोगों ने फर्जी आधार व पैन कार्ड लगाकर उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। सात अगस्त को वह बिधूना तहसील पहुंचा।
तहसील में फर्जी जमीन की बिक्री पर रोक लगाने के लिए शिकायती पत्र दिया। पता चला की जमीन का बैनामा कर दिया गया। पता चला कि लोगों ने कूटरचित दस्तावेज में अंगूठा लगाकर पांच अगस्त को आधी जमीन का बैनामा कर दिया। शेष जमीन का 31 अगस्त 2024 को महेश चंद्र द्वारा आधार कार्ड तैयार करके साजिश के तहत उत्तर पश्चिम दिल्ली मुबारकपुर डवास गली-02 वाल्मीकि मंदिर के पास रहने वाले जल सिंह को बैनामा कर दिया था।
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इस दौरान इटावा के अधियापुर के गांव विचपुरी निवासी कमल सिंह व मुरैना जौरा हनुमान गली मकान नंबर 45 निवासी शिवकुमार को गवाह बनाया गया। बाद में इस जमीन को जल सिंह ने इटावा तहसील हरतोली के आईटीबाई निवासी मोहन कुमार व देव नारायण को सात सितंबर को बैनामा कर दिया। इस बार खरीदने वाले मोहन व देव नारायण के पड़ोसी शोभाराम व राम गोपाल को गवाह बनाया। कुछ जमीन के हिस्से को 25 सितंबर को इटावा के हरतोली निवासी तीन भाई राम औतार, भोला, सतेंद्र कुमार के नाम बैनामा कर दिया। यहां हरतोली के रामगोपाल व शोभाराम को गवाह बनाया।
आरोप है कि पूरे प्रकरण के फर्जी बाड़े में उप निबंधक केसी नायक, प्रभारी उप निबंधक बिधूना अभय कुमार वर्मा व अधिवक्ता सरनजीत सिंह की संलिप्तता है। मामला सामने आने के बाद डीएम डाॅ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच कराई। मामला सही पाया गया। कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि डीएम के आदेश पर उप निबंधक, अधिवक्ता समेत 14 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव रामगढ़ हरचंदपुर निवासी महेश चंद्र मध्य प्रदेश जनपद मुरैना के मोहल्ला वार्ड नंबर सात पंजाबी गली जौरा में रहते हैं। वह सिंचाई विभाग से 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे। बताया कि उनकी जमीन बिधूना तहसील के गांव जागुपुर में है। छह अगस्त 2024 को जानकारी मिली कि कुछ लोगों ने फर्जी आधार व पैन कार्ड लगाकर उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। सात अगस्त को वह बिधूना तहसील पहुंचा।
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तहसील में फर्जी जमीन की बिक्री पर रोक लगाने के लिए शिकायती पत्र दिया। पता चला की जमीन का बैनामा कर दिया गया। पता चला कि लोगों ने कूटरचित दस्तावेज में अंगूठा लगाकर पांच अगस्त को आधी जमीन का बैनामा कर दिया। शेष जमीन का 31 अगस्त 2024 को महेश चंद्र द्वारा आधार कार्ड तैयार करके साजिश के तहत उत्तर पश्चिम दिल्ली मुबारकपुर डवास गली-02 वाल्मीकि मंदिर के पास रहने वाले जल सिंह को बैनामा कर दिया था।
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इस दौरान इटावा के अधियापुर के गांव विचपुरी निवासी कमल सिंह व मुरैना जौरा हनुमान गली मकान नंबर 45 निवासी शिवकुमार को गवाह बनाया गया। बाद में इस जमीन को जल सिंह ने इटावा तहसील हरतोली के आईटीबाई निवासी मोहन कुमार व देव नारायण को सात सितंबर को बैनामा कर दिया। इस बार खरीदने वाले मोहन व देव नारायण के पड़ोसी शोभाराम व राम गोपाल को गवाह बनाया। कुछ जमीन के हिस्से को 25 सितंबर को इटावा के हरतोली निवासी तीन भाई राम औतार, भोला, सतेंद्र कुमार के नाम बैनामा कर दिया। यहां हरतोली के रामगोपाल व शोभाराम को गवाह बनाया।
आरोप है कि पूरे प्रकरण के फर्जी बाड़े में उप निबंधक केसी नायक, प्रभारी उप निबंधक बिधूना अभय कुमार वर्मा व अधिवक्ता सरनजीत सिंह की संलिप्तता है। मामला सामने आने के बाद डीएम डाॅ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच कराई। मामला सही पाया गया। कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि डीएम के आदेश पर उप निबंधक, अधिवक्ता समेत 14 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।