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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी कैंसर रोग की जांच व अध्ययन
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औरैया। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी की ओर कदम बढ़ रहे हैं। इस कड़ी में मेडिकल कॉलेज के एनाटमी विभाग के रिसर्च लैब में स्लेज माइक्रोटोमी की स्थापना व प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। विभाग की टीम ने गुरुवार को इसका पहला प्रयोग किया। प्राचार्य की मौजूदगी में इसका प्रायोगिक उपयोग किया गया।
कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से ग्रसित मरीजों की जांच के लिए स्लेज माइक्रोटोमी मशीन महत्वपूर्ण होती है। इस मशीन से हड्डी व हार्ड ऊतक की कटिंग कर स्लाइड बनाने के बाद सामान्य एवं पैथालाॅजिकल टिश्यू का प्रयोगिक कक्षाओं में अध्ययन व असाध्य रोग जैसे कैंसर रोग आदि की जांच करने में प्रयोग किया जाता है। स्लेज माइक्रोटामी का उपयोग पैथालाॅजी विभाग के हिस्टोपैथालाॅजी के जांच में भी बहुत जरूरी होता है।
इससे आने वाले समय में जिले के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। बाहर का रुख नहीं करना होगा। गुरुवार को प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार समेत विभाग की सह आचार्य डॉ. मेघा दास व सहायक आचार्य डॉ. राकेश कुमार तिवारी की मौजूदगी में लैब में मशीन का प्रयोग किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में कैंसर जैसी असाध्य बीमारी की जांच की सुविधा मिलेगी। इससे बड़ी क्या बात होगी। मशीन को स्थापित कर दिया गया है। प्रयोग भी किया गया है। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।
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कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से ग्रसित मरीजों की जांच के लिए स्लेज माइक्रोटोमी मशीन महत्वपूर्ण होती है। इस मशीन से हड्डी व हार्ड ऊतक की कटिंग कर स्लाइड बनाने के बाद सामान्य एवं पैथालाॅजिकल टिश्यू का प्रयोगिक कक्षाओं में अध्ययन व असाध्य रोग जैसे कैंसर रोग आदि की जांच करने में प्रयोग किया जाता है। स्लेज माइक्रोटामी का उपयोग पैथालाॅजी विभाग के हिस्टोपैथालाॅजी के जांच में भी बहुत जरूरी होता है।
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इससे आने वाले समय में जिले के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। बाहर का रुख नहीं करना होगा। गुरुवार को प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार समेत विभाग की सह आचार्य डॉ. मेघा दास व सहायक आचार्य डॉ. राकेश कुमार तिवारी की मौजूदगी में लैब में मशीन का प्रयोग किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में कैंसर जैसी असाध्य बीमारी की जांच की सुविधा मिलेगी। इससे बड़ी क्या बात होगी। मशीन को स्थापित कर दिया गया है। प्रयोग भी किया गया है। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।
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