{"_id":"56fabe664f1c1b5f2ff00553","slug":"increased-water-crisis-35-hand-pumps-waste","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल संकट बढ़ा, 35 हैंडपंप बेकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल संकट बढ़ा, 35 हैंडपंप बेकार
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Tue, 29 Mar 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
water
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अजीतमल विकास खंड की ग्राम पंचायतों में गिरता जल स्तर मुसीबत बन गया है। लोगों को घंटो पानी के लिए हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ रही है। वहीं तालाब और पोखर सूख जाने से पशुओं के लिए भी जल संकट खड़ा हो गया है। विकास खंड कार्यालय ने भी कस्बे में 35 हैंडपंपों के खराब हो जाने की पुष्टि की है।
विकास खंड अजीतमल के तहत 68 ग्राम पंचायतें आती है। लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जल संकट गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। 20 फीट तक जल स्तर गिर जाने से कई हैंडपंप खराब हो गए है। पानी के अभाव में गांव के तालाब भी सूख गए हैं। बिरुहनी गांव में स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगा हैंडपंप दो माह से खराब है। गांव में बनी पानी की टंकी भी तकनीकी खराबी के चलते तीन माह से बंद है। पेयजल संकट से जूझ रहे बिरुहनी गांव के लोगों को गांव सरकारी हैंडपंप पर पानी के लिए सुबह से लाइन लगानी पड़ रही है।
गांव के श्याम जी शुक्ला, अरविंद दुबे आदि ने बताया कि सुबह आंख खुलते ही पानी के इंतजाम के लिए भागना पड़ता है। हालत यह है कि जानवरों तक की प्यास नहीं बुझ पा रही है। सरकारी हैंडपंप भी अधिक पानी निकलने से बीच-बीच में पानी छोड़ देते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पेयजल संकट को दूर किये जाने की मांग की है। मामले में एडीओ पंचायत सुरेश पांडेय ने बताया कि अजीतमल ब्लाक में पानी का स्तर 80 फीट से गिरकर 100 फीट हो गया है। जिससे हैंडपंपों में पाइप लाइन बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। 22 हैंडपंप रीबोर और 15 हैंडपंप तकनीकी रूप से खराब है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास खंड अजीतमल के तहत 68 ग्राम पंचायतें आती है। लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जल संकट गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। 20 फीट तक जल स्तर गिर जाने से कई हैंडपंप खराब हो गए है। पानी के अभाव में गांव के तालाब भी सूख गए हैं। बिरुहनी गांव में स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगा हैंडपंप दो माह से खराब है। गांव में बनी पानी की टंकी भी तकनीकी खराबी के चलते तीन माह से बंद है। पेयजल संकट से जूझ रहे बिरुहनी गांव के लोगों को गांव सरकारी हैंडपंप पर पानी के लिए सुबह से लाइन लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन
गांव के श्याम जी शुक्ला, अरविंद दुबे आदि ने बताया कि सुबह आंख खुलते ही पानी के इंतजाम के लिए भागना पड़ता है। हालत यह है कि जानवरों तक की प्यास नहीं बुझ पा रही है। सरकारी हैंडपंप भी अधिक पानी निकलने से बीच-बीच में पानी छोड़ देते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पेयजल संकट को दूर किये जाने की मांग की है। मामले में एडीओ पंचायत सुरेश पांडेय ने बताया कि अजीतमल ब्लाक में पानी का स्तर 80 फीट से गिरकर 100 फीट हो गया है। जिससे हैंडपंपों में पाइप लाइन बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। 22 हैंडपंप रीबोर और 15 हैंडपंप तकनीकी रूप से खराब है।
विज्ञापन