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Auraiya News: इनकम टैक्स व जीएसटी रिटर्न भी डकार रहे गरीबों का राशन
Tue, 14 Oct 2025 11:26 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:26 PM IST
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औरैया। जिले में 16 हजार के करीब अपात्र कोटे की दुकानों से गरीबों का राशन डकार रहे हैं। इनमें से इनकम टैक्स रिटर्न, जीएसटी रिटर्न, कार और घर रखने वाले लोग शामिल हैं। यह हम नहीं शासन स्तर से जारी हुई अपात्रों की सूची के बाद सत्यापन में सामने आ रहे हैं। 11 हजार के करीब पात्रों को सत्यापन के दौरान अपात्र पाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। वहीं, सूची में शामिल अन्य लोग भी जल्द विभाग की रडार पर आने वाले हैं।
जनपद में कोटे की 611 दुकानों पर 2,72,200 राशन कार्ड धारक हैं। इसमें अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारक है। इन्हें हर माह राशन मुहैया किया जा रहा है। हाल ही में शासन स्तर से जिले में 16 हजार के करीब अपात्रों के राशन लिए जाने की सूची विभाग को सौंपी है। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय की ओर इस सूची का सत्यापन शुरू कराया गया है। यह काम ब्लॉक स्तर से चल रहा है। इसमें राशन लेने वालों में ज्यादातर चार पहिया वाहन मालिक निकले हैं। साथ ही साथ इनकम टैक्स अदायगी करने वाले भी शामिल हैं।
जीएसटी रिटर्न देने वालों से लेकर पांच एकड़ से ज्यादा जमीन के मालिक भी हैं। सत्यापन कार्य के दौरान करीब 11 हजार नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। खास बात तो यह है कि आधारकार्ड की डुप्लीकेसी कर ये राशन लिया जा रहा था। जिलापूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सत्यापन में 11 हजार अपात्रों को सूची से हटा दिया गया है। अभी सत्यापन कार्य और चलेगा। सामने आने वाले लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
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राशन नहीं ले रहे फिर भी बनवा रखा राशनकार्ड
शासन से जो सूची जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय को भेजी गई है। उसमें 488 कार्डधारक चौका रहे हैं। वो कार्ड होने के बावजूद राशन नहीं ले रहे हैं। ऐसे में राशनकार्ड की उपयोगिता उनके लिए किस तरह सार्थक हो रही है। विभाग सत्यापन में इसका भी पता लगा रहा है।
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इनकम टैक्स देने वाले 5180 ले रहे गरीबों का राशन
अच्छी खासी आय रखने वालों को इनकम टैक्स देना पड़ता है। शासन स्तर से जो सूची जारी की गई है। उसमें 5180 इनकम टैक्स अदायगी करने वाले लोगों के द्वारा कोटे की दुकानों से राशन लेने की बात सामने आई है। ऐसे में इन रईस लोगों की नियत पर भी सवाल खड़ा हो गया है। आर्थिक तौर पर मजबूती रखने के बाद भी सरकारी राशन को वो डकार रहे हैं। विभागीय सत्यापन में अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
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चार पहिया वाहनों के मालिक- 3712
इनकम टैक्स देने वाले कार्डधारक- 5180
जीएसटी नंबर वाले कार्डधारक- 23
पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले कार्डधारक-1546
दो जगह आधारकार्ड बनाकर राशन लेने वाले कार्डधारक-8
12 महीनों से राशन न लेने वाले कार्डधारक-488
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जनपद में कोटे की 611 दुकानों पर 2,72,200 राशन कार्ड धारक हैं। इसमें अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारक है। इन्हें हर माह राशन मुहैया किया जा रहा है। हाल ही में शासन स्तर से जिले में 16 हजार के करीब अपात्रों के राशन लिए जाने की सूची विभाग को सौंपी है। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय की ओर इस सूची का सत्यापन शुरू कराया गया है। यह काम ब्लॉक स्तर से चल रहा है। इसमें राशन लेने वालों में ज्यादातर चार पहिया वाहन मालिक निकले हैं। साथ ही साथ इनकम टैक्स अदायगी करने वाले भी शामिल हैं।
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जीएसटी रिटर्न देने वालों से लेकर पांच एकड़ से ज्यादा जमीन के मालिक भी हैं। सत्यापन कार्य के दौरान करीब 11 हजार नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। खास बात तो यह है कि आधारकार्ड की डुप्लीकेसी कर ये राशन लिया जा रहा था। जिलापूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सत्यापन में 11 हजार अपात्रों को सूची से हटा दिया गया है। अभी सत्यापन कार्य और चलेगा। सामने आने वाले लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
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राशन नहीं ले रहे फिर भी बनवा रखा राशनकार्ड
शासन से जो सूची जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय को भेजी गई है। उसमें 488 कार्डधारक चौका रहे हैं। वो कार्ड होने के बावजूद राशन नहीं ले रहे हैं। ऐसे में राशनकार्ड की उपयोगिता उनके लिए किस तरह सार्थक हो रही है। विभाग सत्यापन में इसका भी पता लगा रहा है।
इनकम टैक्स देने वाले 5180 ले रहे गरीबों का राशन
अच्छी खासी आय रखने वालों को इनकम टैक्स देना पड़ता है। शासन स्तर से जो सूची जारी की गई है। उसमें 5180 इनकम टैक्स अदायगी करने वाले लोगों के द्वारा कोटे की दुकानों से राशन लेने की बात सामने आई है। ऐसे में इन रईस लोगों की नियत पर भी सवाल खड़ा हो गया है। आर्थिक तौर पर मजबूती रखने के बाद भी सरकारी राशन को वो डकार रहे हैं। विभागीय सत्यापन में अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
चार पहिया वाहनों के मालिक- 3712
इनकम टैक्स देने वाले कार्डधारक- 5180
जीएसटी नंबर वाले कार्डधारक- 23
पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले कार्डधारक-1546
दो जगह आधारकार्ड बनाकर राशन लेने वाले कार्डधारक-8
12 महीनों से राशन न लेने वाले कार्डधारक-488