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Auraiya News: आरटीई में फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाया तो होगा मुकदमा
Sat, 07 Feb 2026 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:48 PM IST
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औरैया। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत मुफ्त शिक्षा का लाभ लेने के लिए यदि किसी अभिभावक ने फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाया, तो अब सिर्फ आवेदन ही निरस्त नहीं होगा, बल्कि उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
प्रशासन ने इस पर सख्ती दिखाते हुए आरटीई में लगाए गए आय प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच कराने का निर्णय लिया है। अब तक की व्यवस्था में यदि किसी छात्र का आय प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता था तो केवल उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता था।
इससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे थे। अब जिला स्तर पर आदेश जारी कर दिए गए हैं कि फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर अभिभावक के साथ-साथ प्रमाण पत्र जारी करने में शामिल जन सेवा केंद्र संचालक पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि तहसील से जारी प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रमाण पत्र नंबरों को तहसील रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
फर्जी प्रमाण पत्र का ऐसे चल रहा खेल
कई जन सेवा केंद्रों पर संचालक आय प्रमाण पत्र बनवाने का ठेका ले लेते हैं। बाद में अभिभावकों को ऐसे प्रमाण पत्र थमा दिए जाते हैं, जिनकी प्रमाण संख्या तहसील रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं होती। जब स्कूल या विभाग स्तर पर सत्यापन होता है, तब यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है।
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सही आय प्रमाण पत्र ऐसे बनवाएं
- जन सेवा केंद्र : जो सरकारी पोर्टल से जुड़े हों और रसीद दें।
- तहसील कार्यालय: सीधे लेखपाल, कानूनगो या तहसील स्तर से आवेदन करें।
- ऑनलाइन पोर्टल : यूपी-ई-डिस्टि्रक्ट पोर्टल पर आवेदन करने पर प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से जारी होता है, जिसका सत्यापन संभव है।
- प्रमाण पत्र पर क्यूआर कोड/यूनिक नंबर अवश्य हो।
- उसे यूपी-ई-डिस्टि्रक्ट पोर्टल पर जाकर स्वयं सत्यापित करें।
- बिना रसीद या रिकॉर्ड वाले प्रमाण पत्र स्वीकार न करें।
- किसी एजेंट या बिचौलिए के झांसे में न आएं।
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प्रशासन ने इस पर सख्ती दिखाते हुए आरटीई में लगाए गए आय प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच कराने का निर्णय लिया है। अब तक की व्यवस्था में यदि किसी छात्र का आय प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता था तो केवल उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता था।
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इससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे थे। अब जिला स्तर पर आदेश जारी कर दिए गए हैं कि फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर अभिभावक के साथ-साथ प्रमाण पत्र जारी करने में शामिल जन सेवा केंद्र संचालक पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि तहसील से जारी प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रमाण पत्र नंबरों को तहसील रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
फर्जी प्रमाण पत्र का ऐसे चल रहा खेल
कई जन सेवा केंद्रों पर संचालक आय प्रमाण पत्र बनवाने का ठेका ले लेते हैं। बाद में अभिभावकों को ऐसे प्रमाण पत्र थमा दिए जाते हैं, जिनकी प्रमाण संख्या तहसील रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं होती। जब स्कूल या विभाग स्तर पर सत्यापन होता है, तब यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है।
सही आय प्रमाण पत्र ऐसे बनवाएं
- जन सेवा केंद्र : जो सरकारी पोर्टल से जुड़े हों और रसीद दें।
- तहसील कार्यालय: सीधे लेखपाल, कानूनगो या तहसील स्तर से आवेदन करें।
- ऑनलाइन पोर्टल : यूपी-ई-डिस्टि्रक्ट पोर्टल पर आवेदन करने पर प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से जारी होता है, जिसका सत्यापन संभव है।
- प्रमाण पत्र पर क्यूआर कोड/यूनिक नंबर अवश्य हो।
- उसे यूपी-ई-डिस्टि्रक्ट पोर्टल पर जाकर स्वयं सत्यापित करें।
- बिना रसीद या रिकॉर्ड वाले प्रमाण पत्र स्वीकार न करें।
- किसी एजेंट या बिचौलिए के झांसे में न आएं।