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Auraiya News: उमसभरी गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें, तापमान 40 डिग्री
Mon, 29 Jun 2026 11:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:41 PM IST
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फोटो-40- प्यास बुझाने को अस्पताल के वाटर कूलर पर लगी भीड़।संवाद
बिधूना। एक सप्ताह से 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहे अधिकतम तापमान ने गर्मी बढ़ी।
वहीं, लोगों को रविवार को हुई बारिश से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली लेकिन बारिश थमते ही उमसभरी गर्मी ने लोगों की परेशानियां फिर बढ़ा दीं। रविवार शाम से लेकर सोमवार को पूरे दिन लोग उमस व गर्मी से बेहाल रहे। गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट सिंह ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। बताया कि रविवार की तुलना में हवा की रफ्तार घटकर मात्र 10 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई। हवा न चलने के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई। इससे उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होती और हवा की गति नहीं बढ़ती, तब तक उमसभरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। सोमवार को उमसभरी गर्मी का असर सबसे अधिक अस्पतालों में देखने को मिला। डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और कमजोरी सहित अन्य बीमारियों की शिकायत लेकर 333 मरीज अस्पताल पहुंचे।
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सीएचसी के डॉ. विकास मिश्रा का कहना है कि इस मौसम में लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
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वहीं, लोगों को रविवार को हुई बारिश से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली लेकिन बारिश थमते ही उमसभरी गर्मी ने लोगों की परेशानियां फिर बढ़ा दीं। रविवार शाम से लेकर सोमवार को पूरे दिन लोग उमस व गर्मी से बेहाल रहे। गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट सिंह ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। बताया कि रविवार की तुलना में हवा की रफ्तार घटकर मात्र 10 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई। हवा न चलने के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई। इससे उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
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मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होती और हवा की गति नहीं बढ़ती, तब तक उमसभरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। सोमवार को उमसभरी गर्मी का असर सबसे अधिक अस्पतालों में देखने को मिला। डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और कमजोरी सहित अन्य बीमारियों की शिकायत लेकर 333 मरीज अस्पताल पहुंचे।
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सीएचसी के डॉ. विकास मिश्रा का कहना है कि इस मौसम में लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।

फोटो-40- प्यास बुझाने को अस्पताल के वाटर कूलर पर लगी भीड़।संवाद