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तकनीकी रिपोर्ट न मिलने से अटका अस्पताल का संचालन
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बिधूना (औरैया)। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो, इसके लिए बिधूना में 50 शय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल बनाया गया। मगर विभागीय उदासीनता के चलते अस्पताल का संचालन नहीं हो पा रहा है। अधिकारी तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट के बाद भवन हस्तांतरित किए जाने की बात कह रहे हैं।
बिधूना तहसील की जनसंख्या व क्षेत्रफल को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 5.50 करोड़ रुपये लागत से 50 शय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल का निर्माण कराया है। अस्पताल का निर्माण कार्य राजकीय निर्माण निगम कानपुर ने कराया है। अस्पताल के निर्माण से लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद जगी थी। बतादें कि अभी तक क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों को इलाज के लिए इटावा, सैफई, औरैया, कानपुर जाना पड़ता था, लेकिन अस्पताल के जल्द ही संचालन से यह समस्या दूर होगी। करोड़ों रुपये की लागत से बना भवन दिखावा साबित हो रहा है।
करीब एक वर्ष से विभागीय अधिकारी तकनीकी खामियां दूर कराने की बात कहते आ रहे थे। इधर जब तकनीकी निरीक्षण करा दिया गया तो अब तक विभाग को रिपोर्ट नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग के जेई राजन खन्ना ने बताया कि तकनीकी मुआयना करा लिया गया है। विभाग को रिपोर्ट का इंतजार है। जैसे ही रिपोर्ट मिल जाएगी भवन हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
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बिधूना तहसील की जनसंख्या व क्षेत्रफल को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 5.50 करोड़ रुपये लागत से 50 शय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल का निर्माण कराया है। अस्पताल का निर्माण कार्य राजकीय निर्माण निगम कानपुर ने कराया है। अस्पताल के निर्माण से लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद जगी थी। बतादें कि अभी तक क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों को इलाज के लिए इटावा, सैफई, औरैया, कानपुर जाना पड़ता था, लेकिन अस्पताल के जल्द ही संचालन से यह समस्या दूर होगी। करोड़ों रुपये की लागत से बना भवन दिखावा साबित हो रहा है।
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करीब एक वर्ष से विभागीय अधिकारी तकनीकी खामियां दूर कराने की बात कहते आ रहे थे। इधर जब तकनीकी निरीक्षण करा दिया गया तो अब तक विभाग को रिपोर्ट नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग के जेई राजन खन्ना ने बताया कि तकनीकी मुआयना करा लिया गया है। विभाग को रिपोर्ट का इंतजार है। जैसे ही रिपोर्ट मिल जाएगी भवन हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
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