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खोयला गांव पहुंची स्वास्थ टीम ने 52 मरीज देखे
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फफूंद (औरैया)। क्षेत्र के खोयला में फैली बीमारी की खबर प्रकाशित होने पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने 52 मरीजों का उपचार कर दवाएं वितरित कीं।
लगभग 20 दिन से खोयला के रोगी बुखार से पीड़ित थे। बीमारी से कराह रहे ग्रामीणों की प्रकाशित होने के बाद शनिवार को दिबियापुर सीएचसी से स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। जिसमें फार्मासिस्ट गौरव कुमार, एलटी सौरभ पाल, एचएस जेडी चौधरी ने गांव के मोहल्लों में बुखार पीड़ितों के ब्लड सैंपल लेकर दवाइयां दी। फार्मासिस्ट गौरव कुमार ने बताया कि बुखार से पीड़ित 52 लोगों को दवाई दी गई। मलेरिया, डेंगू, टायफाइड व चिकनगुनिया की जांच के लिये 23 लोगों के खून के सैंपल लिए गए। डीडीटी के छिड़काव के लिए भी आशा को सामग्री दी गई। साथ ही लिए गए ब्लड सैंपल से कोरोना के एंटीजन टेस्ट भी किये जाएंगे।
टीम में नहीं थे डॉक्टर, आक्रोश
खोयला गांव में शनिवार को स्वास्थ्य टीम तो गांव पहुंची, लेकिन टीम में चिकित्सक न होने से ग्रामीण नाराज दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बीमार लोगों की संख्या 100 से ऊपर है। रामदास सविता, रविंद्र सविता, अरविंद, रिंकू पोरवाल, श्रीप्रकाश गुप्ता, नीरू मिश्रा, कौशल सविता, अनिल कुमार सविता ने बताया कि उनके घरों के अलावा गांव में भी बुखार से लोग पीड़ित हैं। गांव में डेंगू मरीज मिलने के बाद भी अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। टीम में चिकित्सक के न होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही।
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लगभग 20 दिन से खोयला के रोगी बुखार से पीड़ित थे। बीमारी से कराह रहे ग्रामीणों की प्रकाशित होने के बाद शनिवार को दिबियापुर सीएचसी से स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। जिसमें फार्मासिस्ट गौरव कुमार, एलटी सौरभ पाल, एचएस जेडी चौधरी ने गांव के मोहल्लों में बुखार पीड़ितों के ब्लड सैंपल लेकर दवाइयां दी। फार्मासिस्ट गौरव कुमार ने बताया कि बुखार से पीड़ित 52 लोगों को दवाई दी गई। मलेरिया, डेंगू, टायफाइड व चिकनगुनिया की जांच के लिये 23 लोगों के खून के सैंपल लिए गए। डीडीटी के छिड़काव के लिए भी आशा को सामग्री दी गई। साथ ही लिए गए ब्लड सैंपल से कोरोना के एंटीजन टेस्ट भी किये जाएंगे।
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टीम में नहीं थे डॉक्टर, आक्रोश
खोयला गांव में शनिवार को स्वास्थ्य टीम तो गांव पहुंची, लेकिन टीम में चिकित्सक न होने से ग्रामीण नाराज दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बीमार लोगों की संख्या 100 से ऊपर है। रामदास सविता, रविंद्र सविता, अरविंद, रिंकू पोरवाल, श्रीप्रकाश गुप्ता, नीरू मिश्रा, कौशल सविता, अनिल कुमार सविता ने बताया कि उनके घरों के अलावा गांव में भी बुखार से लोग पीड़ित हैं। गांव में डेंगू मरीज मिलने के बाद भी अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। टीम में चिकित्सक के न होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही।
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