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सर्दी बनी त्वचा की दुश्मन, बढ़ रहे एक्जिमा के मरीज
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औरैया। सर्दी बढ़ने के साथ ही त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। तेजी से बढ़ रहा वायु प्रदूषण और सर्दी के मौसम में कई दिनों तक बिना धुले हुए गर्म कपड़े पहनना, गंदी रजाइयों और कंबलों का प्रयोग करना त्वचा की बीमारियों का कारण बना जाता है। इसके अलावा सर्दी के मौसम में अधिक मात्रा में रसायनिक चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन, चूना, सोडा और डिटर्जेंट का अधिक इस्तेमाल करना परेशानी का कारण बनता है। इस समय जिला अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे है।
पच्चास शय्या युक्त जिला अस्पताल में इस समय मरीजों की लंबी कतार देखी जा सकती है। प्रतिदिन आने वाले मरीजों में सौ से 150 मरीज एक्जिमा रोग से ग्रसित होते है। एक्जिमा रोग में त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं। ये लाल लंग में बदलने लगते हैं और इनमें खुजली होती रहती है। खुजलाने से जलन होती है, फिर जो दाग के रूप में त्वचा में फैलने लगता है। यदि सारे शरीर में एक्जिमा होता है उससे रोगी को बुखार भी आने लगता है।
डॉ. अमित पोरवाल ने बताया कि एक्जिमा जैसे चर्म रोगों से बचाव के लिए नमक का सेवन कम कर दें, यदि रोग की चपेट में हों तो कुछ समय तक नमक का सेवन बंद ही कर दें। नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर उससे रोजाना स्नान करें, साफ सुथरे कपड़े पहने। ठंड के मौसम में लोगों को सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिेए, विशेष तौर पर बच्चों और गर्म कपड़ों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए।
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पच्चास शय्या युक्त जिला अस्पताल में इस समय मरीजों की लंबी कतार देखी जा सकती है। प्रतिदिन आने वाले मरीजों में सौ से 150 मरीज एक्जिमा रोग से ग्रसित होते है। एक्जिमा रोग में त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं। ये लाल लंग में बदलने लगते हैं और इनमें खुजली होती रहती है। खुजलाने से जलन होती है, फिर जो दाग के रूप में त्वचा में फैलने लगता है। यदि सारे शरीर में एक्जिमा होता है उससे रोगी को बुखार भी आने लगता है।
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डॉ. अमित पोरवाल ने बताया कि एक्जिमा जैसे चर्म रोगों से बचाव के लिए नमक का सेवन कम कर दें, यदि रोग की चपेट में हों तो कुछ समय तक नमक का सेवन बंद ही कर दें। नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर उससे रोजाना स्नान करें, साफ सुथरे कपड़े पहने। ठंड के मौसम में लोगों को सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिेए, विशेष तौर पर बच्चों और गर्म कपड़ों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए।
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