{"_id":"58cecbb84f1c1be5431a1952","slug":"happiness-in-the-native-village-of-professor-baghel","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रोफेसर बघेल के पैतृक गांव में उल्लास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रोफेसर बघेल के पैतृक गांव में उल्लास
auraiya,amar ujala beauro
Updated Sun, 19 Mar 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गठित प्रदेश सरकार में केबिनेट मंत्री की शपथ लेने वाले प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के गृह ग्राम भटपुरा में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने उनके केबिनेट मंत्री बनने पर जमकर आतिशबाजी चलाई। महिलाओं ने मंदिर में मंगल गीत गाए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि केबिनेट मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद जल्द ही वह अपने गांव आएंगे।
दिबियापुर नगर से सटे ग्राम उमरी के मजरा भटपुरा में रविवार को जश्न का माहौल देखने को मिला। यहां पूर्व प्रधान बृजराज सिंह उर्फ मुन्ना पाल के छोटे भाई की बतौर केबिनेट मंत्री ताजपोशी होने जा रही थी। सुबह ही गांव में इसकी सूचना पहुंच गई थी। इसके चलते पूर्व प्रधान मुन्ना पाल अपने बेटे आसू पाल एवं कई समर्थकों के साथ लखनऊ रवाना हो गए थे। घर में प्रधान प्रेमिना पाल अपने चचिया ससुर के केबिनेट मंत्री बनकर आने के लिए स्वागत की तैयारियों में जुट गईं।
युवा आतिशबाजी चलाकर अपनी खुशी का इजहार करते नजर आए। महिलाओं ने मंदिर में जमा होकर मंगल गीत गाए। सभी ने कामना की कि वह केबिनेट मंत्री के तौर पर अपना बेहतरीन कार्यकाल पूरा करें। प्रदेश के सभी लोगों के लिए सेवा का कार्य करके आगे बढ़ें।
विज्ञापन
गांव के प्राइमरी स्कूल से प्राप्त की शिक्षा
गांव के लोगों ने बताया कि अपने छह भाइयों में सबसे छोटे प्रोफेसर एसपी सिंह ने प्राथमिक स्कूल उमरी में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। कक्षा 5 से 8 तक की शिक्षा असेनी स्थित जनता इंटर कालेज में पूरी की। इसके बाद अशोक नगर मध्यप्रदेश में रहने वाले पुलिस में कार्यरत अपने बड़े भाई विशंभर सिंह बघेल के पास चले गए। वहां रहकर उन्होंने उच्च शिक्षा ली। वर्ष 1982 में उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर ज्वाइनिंग ली। इसके बाद भी उन्होंने अध्ययन जारी रखा। 1993 में आगरा कालेज में सैन्य विज्ञान के प्रोफेसर हो गए।
1998 में शुरू हुई राजनैतिक पारी
वर्ष 1998 में पहली बार सपा से सांसद बनने पर प्रोफेसर बघेल की राजनैतिक पारी शुरू हुई। उनका यह क्रम लगातार तीन बार 1999 और 2004 में भी चलता रहा। 2010 में बसपा ने राज्यसभा सांसद बनाया। साथ ही राष्ट्रीय महासचिव का ओहदा दिया। 2014 में फिरोजाबाद लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े। हालांकि वह यह चुनाव हार गए थे। उन्होंने जबरन चुनाव हरवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा ने उन्हें पिछड़ा वर्ग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इस बार टूंडला सुरक्षित सीट से भाजपा विधायक बने।
आज भी है गांव की माटी से जुड़ाव
ग्राम भटपुरा के ग्रामीण बताते हैं कि प्रोफेसर साहब का अपनी माटी से आज भी जुड़ाव है। पिछले वर्ष हुए प्रधानी के चुनाव तक उन्होंने ग्राम उमरी से अपना वोट नहीं कटवाया था। वह उमरी से चुनाव लड़ रहीं अपने भतीजे की बहू प्रेमिना के लिए वोट डालने आए थे। ग्रामीणों का कहना है कि राज्यसभा सांसद रहने के दौरान उन्होंने गांव को सीसी सड़क से जोड़ दिया था।
केबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल का परिचय
उप्र पुलिस में- वर्ष 1982 से 1993 तक
आगरा कालेज- बतौर प्रोफेसर वर्ष 1993 से
सांसद- वर्ष 1998,1999, 2004 (सपा से)
राज्यसभा सदस्य- वर्ष 2010 से 2014 (बसपा से )
पिता का नाम- स्व.रामभरोसे सिंह
मां का नाम- स्व.रामश्री देवी
जन्मतिथि- 6 जून 1960
भाई- स्व. रामसिंह, स्व. भगवान सिंह, विशंभर सिंह (रिटायर्ड एसपी पुलिस), बृजराज सिंह (पूर्व प्रधान उमरी), वीरेंद्र सिंह (इन्स्पेक्टर जीआरपी कासगंज)
पुत्र-पुत्री- पुत्र पार्थ, पुत्री सलोनी
विज्ञापन
दिबियापुर नगर से सटे ग्राम उमरी के मजरा भटपुरा में रविवार को जश्न का माहौल देखने को मिला। यहां पूर्व प्रधान बृजराज सिंह उर्फ मुन्ना पाल के छोटे भाई की बतौर केबिनेट मंत्री ताजपोशी होने जा रही थी। सुबह ही गांव में इसकी सूचना पहुंच गई थी। इसके चलते पूर्व प्रधान मुन्ना पाल अपने बेटे आसू पाल एवं कई समर्थकों के साथ लखनऊ रवाना हो गए थे। घर में प्रधान प्रेमिना पाल अपने चचिया ससुर के केबिनेट मंत्री बनकर आने के लिए स्वागत की तैयारियों में जुट गईं।
विज्ञापन
युवा आतिशबाजी चलाकर अपनी खुशी का इजहार करते नजर आए। महिलाओं ने मंदिर में जमा होकर मंगल गीत गाए। सभी ने कामना की कि वह केबिनेट मंत्री के तौर पर अपना बेहतरीन कार्यकाल पूरा करें। प्रदेश के सभी लोगों के लिए सेवा का कार्य करके आगे बढ़ें।
विज्ञापन
गांव के प्राइमरी स्कूल से प्राप्त की शिक्षा
गांव के लोगों ने बताया कि अपने छह भाइयों में सबसे छोटे प्रोफेसर एसपी सिंह ने प्राथमिक स्कूल उमरी में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। कक्षा 5 से 8 तक की शिक्षा असेनी स्थित जनता इंटर कालेज में पूरी की। इसके बाद अशोक नगर मध्यप्रदेश में रहने वाले पुलिस में कार्यरत अपने बड़े भाई विशंभर सिंह बघेल के पास चले गए। वहां रहकर उन्होंने उच्च शिक्षा ली। वर्ष 1982 में उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर ज्वाइनिंग ली। इसके बाद भी उन्होंने अध्ययन जारी रखा। 1993 में आगरा कालेज में सैन्य विज्ञान के प्रोफेसर हो गए।
1998 में शुरू हुई राजनैतिक पारी
वर्ष 1998 में पहली बार सपा से सांसद बनने पर प्रोफेसर बघेल की राजनैतिक पारी शुरू हुई। उनका यह क्रम लगातार तीन बार 1999 और 2004 में भी चलता रहा। 2010 में बसपा ने राज्यसभा सांसद बनाया। साथ ही राष्ट्रीय महासचिव का ओहदा दिया। 2014 में फिरोजाबाद लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े। हालांकि वह यह चुनाव हार गए थे। उन्होंने जबरन चुनाव हरवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा ने उन्हें पिछड़ा वर्ग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इस बार टूंडला सुरक्षित सीट से भाजपा विधायक बने।
आज भी है गांव की माटी से जुड़ाव
ग्राम भटपुरा के ग्रामीण बताते हैं कि प्रोफेसर साहब का अपनी माटी से आज भी जुड़ाव है। पिछले वर्ष हुए प्रधानी के चुनाव तक उन्होंने ग्राम उमरी से अपना वोट नहीं कटवाया था। वह उमरी से चुनाव लड़ रहीं अपने भतीजे की बहू प्रेमिना के लिए वोट डालने आए थे। ग्रामीणों का कहना है कि राज्यसभा सांसद रहने के दौरान उन्होंने गांव को सीसी सड़क से जोड़ दिया था।
केबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल का परिचय
उप्र पुलिस में- वर्ष 1982 से 1993 तक
आगरा कालेज- बतौर प्रोफेसर वर्ष 1993 से
सांसद- वर्ष 1998,1999, 2004 (सपा से)
राज्यसभा सदस्य- वर्ष 2010 से 2014 (बसपा से )
पिता का नाम- स्व.रामभरोसे सिंह
मां का नाम- स्व.रामश्री देवी
जन्मतिथि- 6 जून 1960
भाई- स्व. रामसिंह, स्व. भगवान सिंह, विशंभर सिंह (रिटायर्ड एसपी पुलिस), बृजराज सिंह (पूर्व प्रधान उमरी), वीरेंद्र सिंह (इन्स्पेक्टर जीआरपी कासगंज)
पुत्र-पुत्री- पुत्र पार्थ, पुत्री सलोनी