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सरकार की वादा खिलाफी पर दहाड़े शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:42 PM IST
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धरना देते शिक्षक संघ चंदेल गुट के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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लंबित समस्याओं के निस्तारण न होने और प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी से आक्रोशित माध्यमिक शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। इन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीआईओएस को ज्ञापन सौंपकर मांगों को पूरा करने केे लिए कहा। शिक्षकों ने समस्याओं के निराकरण न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के आह्वान पर धरना दिया गया। शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रेम नरायण दुबे और प्रदेश संरक्षण समिति से संयोजक श्रीनारायण दुबे ने कहा कि सरकार ने संगठन की प्रमुख मांगों को पूरा नहीं किया है। शिक्षक बीहड़ व काफी दूर स्थित स्कूलों में शिक्षण के लिए जाते हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का निराकरण प्रमुखता से करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार और संगठन के बीच पुरानी पेंशन बहाली, वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों को बैंक खाते में मानदेय देने, अद्यतन नियुक्त तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, 22 मार्च 2016 के अधिनियम के बिंदु 1 व 8 में विसंगतियों को दूर कराने सहित कई बिंदुओं पर समझौता हुआ था। सरकार ने समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं। सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है तो माध्यमिक शिक्षक 10 से12 अगस्त को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के साथ मिलकर कार्य बहिष्कार के रूप में कलमबंद हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी न हुईं तो एक सितंबर को प्रदेश स्तर पर विशाल प्रदर्शन कर विधान सभा का घेराव किया जाएगा। धरना प्रदर्शन के बाद आक्रोशित शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन के दौरान जिलामंत्री उमाकांत दीक्षित, डा. आंज्नेय सहाय अवस्थी, सुरेश त्रिपाठी, सुरेश बाबू चतुर्वेदी, राजेंद्र प्रसाद अवस्थी, राजेश सिंह चंदेल, भारत भूषण भदौरिया, नवीन तिवारी, देवेंद्र राजपूत, अनिल दीक्षित, प्रकाश नारायण त्रिवेदी, रामजीवन मिश्रा, बलवान सिंह राठौर, रामशरण मिश्रा, सतीश अवस्थी, सुभाष नारायण दुबे व कई माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के आह्वान पर धरना दिया गया। शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रेम नरायण दुबे और प्रदेश संरक्षण समिति से संयोजक श्रीनारायण दुबे ने कहा कि सरकार ने संगठन की प्रमुख मांगों को पूरा नहीं किया है। शिक्षक बीहड़ व काफी दूर स्थित स्कूलों में शिक्षण के लिए जाते हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का निराकरण प्रमुखता से करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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सरकार और संगठन के बीच पुरानी पेंशन बहाली, वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों को बैंक खाते में मानदेय देने, अद्यतन नियुक्त तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, 22 मार्च 2016 के अधिनियम के बिंदु 1 व 8 में विसंगतियों को दूर कराने सहित कई बिंदुओं पर समझौता हुआ था। सरकार ने समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं। सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है तो माध्यमिक शिक्षक 10 से12 अगस्त को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के साथ मिलकर कार्य बहिष्कार के रूप में कलमबंद हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी न हुईं तो एक सितंबर को प्रदेश स्तर पर विशाल प्रदर्शन कर विधान सभा का घेराव किया जाएगा। धरना प्रदर्शन के बाद आक्रोशित शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन के दौरान जिलामंत्री उमाकांत दीक्षित, डा. आंज्नेय सहाय अवस्थी, सुरेश त्रिपाठी, सुरेश बाबू चतुर्वेदी, राजेंद्र प्रसाद अवस्थी, राजेश सिंह चंदेल, भारत भूषण भदौरिया, नवीन तिवारी, देवेंद्र राजपूत, अनिल दीक्षित, प्रकाश नारायण त्रिवेदी, रामजीवन मिश्रा, बलवान सिंह राठौर, रामशरण मिश्रा, सतीश अवस्थी, सुभाष नारायण दुबे व कई माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे।