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महाशिवरात्रि पर बन रहा खास योग, दूर होंगे सभी कष्ट
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बेला(औरैया)। एक मार्च को पड़ने वाले महाशिवरात्रि पर्व पर खास योग बन रहे हैं। परिघ योग में पूजा से शत्रुओं को परास्त किया जा सकता है और दूसरा शिव योग शुभ कार्यो की शुरुआत के लिए बेहतर
साबित होगा। इसके अलावा पंचग्रही योग भी बन रहा है। जिले के शिव मंदिरों में पर्व को लेकर विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं शिव भक्तों में भी खासा उत्साह बना हुआ है।
कस्बा बेला निवासी ज्योतिष नंदलाल चौबे बताते है कि इस साल महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चर्तुदशी तिथि वाले दिन यानी एक मार्च को सुबह तीन बजकर 16 मिनट से शुरू हो रही है, जो
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देर रात एक बजे तक है। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं। एक महाशिवरात्रि को परिघ योग है जो 11 बजकर 18 मिनट तक रहने वाला है। परिघ योग में शिव अराधना से शत्रुओं पर विजय होगी।
यश और कीर्ति में वृद्धि होगी। इसके बाद से शिव योग प्रारंभ होने वाला है, जो दो मार्च को सुबह आठ बजकर 21 मिनट तक रहने वाला है। बताया कि जबकि शिव योग मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा योग
होता है। इस योग में कोई भी शुभ कार्य शुरू किया जा सकता है। इस बार महाशिवरात्रि के दिन पंचग्रही योग भी बन रहा है। इस खास दिन मकर राशि में मंगल, शनि, चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रह एक साथ उपस्थित होकर पंचग्रही योग का निर्माण करने वाले हैं।
फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि को साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि माना जाता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर घर में पूजा स्थल पर जल से भरा एक कलश स्थापित करना चाहिए। कलश के पास भगवान
शिव और माता पार्वती की मूर्तियों की स्थापना करनी चाहिए।
इसके बाद भगवान शिव-पार्वती को अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही,
शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा और फल चढ़ाना चाहिए। अंत में भगवान शिव-पार्वती की आरती की जाती है।
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साबित होगा। इसके अलावा पंचग्रही योग भी बन रहा है। जिले के शिव मंदिरों में पर्व को लेकर विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं शिव भक्तों में भी खासा उत्साह बना हुआ है।
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कस्बा बेला निवासी ज्योतिष नंदलाल चौबे बताते है कि इस साल महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चर्तुदशी तिथि वाले दिन यानी एक मार्च को सुबह तीन बजकर 16 मिनट से शुरू हो रही है, जो
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देर रात एक बजे तक है। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं। एक महाशिवरात्रि को परिघ योग है जो 11 बजकर 18 मिनट तक रहने वाला है। परिघ योग में शिव अराधना से शत्रुओं पर विजय होगी।
यश और कीर्ति में वृद्धि होगी। इसके बाद से शिव योग प्रारंभ होने वाला है, जो दो मार्च को सुबह आठ बजकर 21 मिनट तक रहने वाला है। बताया कि जबकि शिव योग मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा योग
होता है। इस योग में कोई भी शुभ कार्य शुरू किया जा सकता है। इस बार महाशिवरात्रि के दिन पंचग्रही योग भी बन रहा है। इस खास दिन मकर राशि में मंगल, शनि, चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रह एक साथ उपस्थित होकर पंचग्रही योग का निर्माण करने वाले हैं।
फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि को साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि माना जाता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर घर में पूजा स्थल पर जल से भरा एक कलश स्थापित करना चाहिए। कलश के पास भगवान
शिव और माता पार्वती की मूर्तियों की स्थापना करनी चाहिए।
इसके बाद भगवान शिव-पार्वती को अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही,
शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा और फल चढ़ाना चाहिए। अंत में भगवान शिव-पार्वती की आरती की जाती है।