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Auraiya News: बालिकाओं और महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए
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दिबियापुर। बालिकाओं और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। इसके लिए उन्हें अपने अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी होना आवश्यक है। मेडिकल काॅलेज की मनोरोग विभाग की एचओडी डॉ.कृतिका चावला ने यह बातें लखनापुर स्थित समाही कालेज ऑफ फार्मेसी में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम के तहत महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम में कहीं।
डॉ.कृतिका चावला ने बताया कि घरेलू हिंसा कई तरीके से हो सकती है। घर परिवार में महिलाओं और बालिकाओं के आत्मसम्मान और अंतरआत्मा को ठेस पहुंचाने वाले प्रत्येक तौर तरीके को हम घरेलू हिंसा की श्रेणी में रखते हैं। घरेलू हिंसा की शिकार होने पर युवतियां और महिलाएं मनोरोग का शिकार हो सकतीं हैं। चिचौली स्थित जिला अस्पताल में मानसिक तनाव आदि के रोगी आकर उनसे परामर्श ले सकते हैं।
नेशनल योग जज, प्रशिक्षक महिला आत्मरक्षा एवं समाजसेवी ऋतु चंदेरिया ने कहा कि महिलाओं और युवतियों को आत्मविश्वास को मजबूत रखने और किसी भी विपरीत परिस्थिति में मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने ब्लैक बेल्ट धारक नित्या के साथ मिलकर बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के टिप्स दिए। महिला कल्याण अधिकारी वंदना शर्मा ने बताया कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर शिक्षा का अधिकार दिया गया है। उन्होंने बालिकाओं को गुड टच और बेड टच के बारे में बताया।
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वन स्टाप सेंटर पर केंद्र प्रभारी ज्योति तिवारी ने बताया कि प्रत्येक जिले में वन स्टाप सेंटर संचालित है। 24 घंटे सातों दिन 181 पर काॅल करके वन स्टाप सेंटर की सहायता ली जा सकती है। एक छत के नीचे महिलाओं और बालिकाओं के लिए काउंसलर्स, पुलिस, मेडिकल हेल्प एवं लीगल सहायता भी मिलेगी। समाही काॅलेज ऑफ फार्मेसी के प्रबंधक डॉ.अभिनंदन त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष राहुल कुमार ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। वरुण वर्मा, धर्मेंद्र कुशवाहा, रिषभ त्रिपाठी, रोहित कुमार, मोहित सक्सेना, शांतनु तिवारी, आशीष यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।
इंसेट-- -
अपने अधिकारोंं के प्रति जागरूक होना चाहिए
फोटो27एयूआरपी 26- शिवानी दिवाकर
अपने अधिकारों, आत्मरक्षा और घरेलू हिंसा के प्रति सभी महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक होना चाहिए। अमर उजाला अपराजिता का आयोजन हमें इसके लिए प्रेरित करता रहेगा। - शिवानी दिवाकर, बीफार्मा, तृतीय वर्ष
घर के किसी भी सदस्य द्वारा दी गई प्रताड़ना घरेलू हिंसा में
फोटो27एयूआरपी 27- शिवानी राठौर
घरेलू हिंसा केवल पति के द्वारा ही नहीं होती, बल्कि परिवार के किसी सदस्य के द्वारा किसी भी रूप में दी जाने वाली प्रताड़ना, घरेलू हिंसा के दायरे में आती है। आज वक्ताओं द्वारा दी गई जानकारी से हम सभी में आत्मविश्वास बढ़ा है।
- शिवानी राठौर, बीफार्मा, तृतीय वर्ष
जागरूकता आने पर नहीं हो सकता शोषण
फोटो27एयूआरपी 28- ताहिरा खान
बालिकाओं और महिलाओं को अपने अधिकार पता होने चाहिए, साथ ही अधिकारों के प्रति जागरूक भी होना चाहिए। इससे महिलाओं और बालिकाओं का कोई भी शोषण नहीं कर सकेगा। आज के आयोजन से कई अमूल्य जानकारियां मिलीं।
-ताहिरा खान, डीफार्मा, द्वितीय वर्ष
यौन शोषण के खिलाफ बालिकाओं को मुखर होना चाहिए
फोटो27एयूआरपी 29-आकांक्षा
किसी प्रकार के बेड टच और गुड टच के बारे में जानकारी प्रत्येक बालिका को होनी चाहिए। यौन शोषण के खिलाफ बालिकाओं को मजबूती के साथ मुखर होना चाहिए। अमर उजाला अपराजिता के तहत इस तरह के आयोजनों से बालिकाओं में जागरूकता आती है।
- आकांक्षा, डी फार्मा, प्रथम वर्ष
आत्मविश्वास को बढ़ाने के गुर सीखना जरूरी
फोटो27एयूआरपी 30- साधना पांडेय
बालिकाओं को ब्यूटी पार्लर में जाकर खूबसूरती निखारने के साथ अपने अंदर के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए आत्म सुरक्षा के गुर अवश्य सीखने चाहिए। ताकि कोई भी व्यक्ति महिलाओं और बालिकाओं का शोषण न कर सके।
-साधना, बी फार्मा, द्वितीय वर्ष
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डॉ.कृतिका चावला ने बताया कि घरेलू हिंसा कई तरीके से हो सकती है। घर परिवार में महिलाओं और बालिकाओं के आत्मसम्मान और अंतरआत्मा को ठेस पहुंचाने वाले प्रत्येक तौर तरीके को हम घरेलू हिंसा की श्रेणी में रखते हैं। घरेलू हिंसा की शिकार होने पर युवतियां और महिलाएं मनोरोग का शिकार हो सकतीं हैं। चिचौली स्थित जिला अस्पताल में मानसिक तनाव आदि के रोगी आकर उनसे परामर्श ले सकते हैं।
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नेशनल योग जज, प्रशिक्षक महिला आत्मरक्षा एवं समाजसेवी ऋतु चंदेरिया ने कहा कि महिलाओं और युवतियों को आत्मविश्वास को मजबूत रखने और किसी भी विपरीत परिस्थिति में मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने ब्लैक बेल्ट धारक नित्या के साथ मिलकर बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के टिप्स दिए। महिला कल्याण अधिकारी वंदना शर्मा ने बताया कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर शिक्षा का अधिकार दिया गया है। उन्होंने बालिकाओं को गुड टच और बेड टच के बारे में बताया।
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वन स्टाप सेंटर पर केंद्र प्रभारी ज्योति तिवारी ने बताया कि प्रत्येक जिले में वन स्टाप सेंटर संचालित है। 24 घंटे सातों दिन 181 पर काॅल करके वन स्टाप सेंटर की सहायता ली जा सकती है। एक छत के नीचे महिलाओं और बालिकाओं के लिए काउंसलर्स, पुलिस, मेडिकल हेल्प एवं लीगल सहायता भी मिलेगी। समाही काॅलेज ऑफ फार्मेसी के प्रबंधक डॉ.अभिनंदन त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष राहुल कुमार ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। वरुण वर्मा, धर्मेंद्र कुशवाहा, रिषभ त्रिपाठी, रोहित कुमार, मोहित सक्सेना, शांतनु तिवारी, आशीष यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।
इंसेट
अपने अधिकारोंं के प्रति जागरूक होना चाहिए
फोटो27एयूआरपी 26- शिवानी दिवाकर
अपने अधिकारों, आत्मरक्षा और घरेलू हिंसा के प्रति सभी महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक होना चाहिए। अमर उजाला अपराजिता का आयोजन हमें इसके लिए प्रेरित करता रहेगा। - शिवानी दिवाकर, बीफार्मा, तृतीय वर्ष
घर के किसी भी सदस्य द्वारा दी गई प्रताड़ना घरेलू हिंसा में
फोटो27एयूआरपी 27- शिवानी राठौर
घरेलू हिंसा केवल पति के द्वारा ही नहीं होती, बल्कि परिवार के किसी सदस्य के द्वारा किसी भी रूप में दी जाने वाली प्रताड़ना, घरेलू हिंसा के दायरे में आती है। आज वक्ताओं द्वारा दी गई जानकारी से हम सभी में आत्मविश्वास बढ़ा है।
- शिवानी राठौर, बीफार्मा, तृतीय वर्ष
जागरूकता आने पर नहीं हो सकता शोषण
फोटो27एयूआरपी 28- ताहिरा खान
बालिकाओं और महिलाओं को अपने अधिकार पता होने चाहिए, साथ ही अधिकारों के प्रति जागरूक भी होना चाहिए। इससे महिलाओं और बालिकाओं का कोई भी शोषण नहीं कर सकेगा। आज के आयोजन से कई अमूल्य जानकारियां मिलीं।
-ताहिरा खान, डीफार्मा, द्वितीय वर्ष
यौन शोषण के खिलाफ बालिकाओं को मुखर होना चाहिए
फोटो27एयूआरपी 29-आकांक्षा
किसी प्रकार के बेड टच और गुड टच के बारे में जानकारी प्रत्येक बालिका को होनी चाहिए। यौन शोषण के खिलाफ बालिकाओं को मजबूती के साथ मुखर होना चाहिए। अमर उजाला अपराजिता के तहत इस तरह के आयोजनों से बालिकाओं में जागरूकता आती है।
- आकांक्षा, डी फार्मा, प्रथम वर्ष
आत्मविश्वास को बढ़ाने के गुर सीखना जरूरी
फोटो27एयूआरपी 30- साधना पांडेय
बालिकाओं को ब्यूटी पार्लर में जाकर खूबसूरती निखारने के साथ अपने अंदर के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए आत्म सुरक्षा के गुर अवश्य सीखने चाहिए। ताकि कोई भी व्यक्ति महिलाओं और बालिकाओं का शोषण न कर सके।
-साधना, बी फार्मा, द्वितीय वर्ष