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अब लड़की पक्ष ने भी चार के खिलाफ अपहरण कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई
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बिधूना (औरैया)। बिधूना कोतवाली क्षेत्र के कुसमरा के जंगलों में करीब पांच महीने पहले प्रेमी युगल के शव पेड़ से लटकते मिले थे। इस मामले में शुक्रवार को नया मोड़ तब आ गया, जबह युवती की मां ने कोर्ट के आदेश पर धनवाली गांव के चार लोगों के खिलाफ अपहरण व हत्या की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिधूना कोतवाली क्षेत्र के धनवाली गांव निवासी सुरेंद्र की पत्नी विमलेश कुमारी का आरोप है कि गांव के ही छुन्ना सेंगर, पिंटू उर्फ आलोक सिंह और उसके भाइयों जगदंबा सिंह, राजू व श्याम सिंह 10 जुलाई 2019 को रात एक बजे उसके घर आए। उनकी बेटी रश्मि को जबरदस्ती ले जाने लगे। रोकने की कोशिश करने पर सभी आरोपियों ने अवैध तमंचा लहराते हुए कहा कि पीछा किया या चिल्लाए तो जान से मार देंगे। यह भी कहा कि रश्मि (मृतका) और गौरव (मृतक) को बहुत दूर भेज देंगे जो कभी घर वापस नहीं आएंगे। विमलेश कुमारी का कहना है कि इस घटना की जानकारी उन्होंने थाने में दी, तो पुलिस ने प्रेम प्रसंग को मामला बताकर टाल दिया था। बाद में रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही थी। इसके बाद 12 जुलाई को पुलिस ने कोतवाली बुलाकर उसके पति से कहा कि कुसमरा के जंगल में लड़का व लड़की के शव पेड़ पर लटके हुए मिले हैं।
मृतकों की शिनाख्त रश्मि व गौरव के रूप में हुई है। इस पर उसने कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी, लेकिन गौरव के परिवार वालों ने कहानी गढ़कर रिपोर्ट दर्ज करा दी। जबकि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। विमलेश कुमारी के मुताबिक उन्होंने न्याय पाने के लिए कोर्ट में शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज की। थाना प्रभारी ने इस बात की पुष्टि की है।
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बिधूना कोतवाली क्षेत्र के धनवाली गांव निवासी सुरेंद्र की पत्नी विमलेश कुमारी का आरोप है कि गांव के ही छुन्ना सेंगर, पिंटू उर्फ आलोक सिंह और उसके भाइयों जगदंबा सिंह, राजू व श्याम सिंह 10 जुलाई 2019 को रात एक बजे उसके घर आए। उनकी बेटी रश्मि को जबरदस्ती ले जाने लगे। रोकने की कोशिश करने पर सभी आरोपियों ने अवैध तमंचा लहराते हुए कहा कि पीछा किया या चिल्लाए तो जान से मार देंगे। यह भी कहा कि रश्मि (मृतका) और गौरव (मृतक) को बहुत दूर भेज देंगे जो कभी घर वापस नहीं आएंगे। विमलेश कुमारी का कहना है कि इस घटना की जानकारी उन्होंने थाने में दी, तो पुलिस ने प्रेम प्रसंग को मामला बताकर टाल दिया था। बाद में रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही थी। इसके बाद 12 जुलाई को पुलिस ने कोतवाली बुलाकर उसके पति से कहा कि कुसमरा के जंगल में लड़का व लड़की के शव पेड़ पर लटके हुए मिले हैं।
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मृतकों की शिनाख्त रश्मि व गौरव के रूप में हुई है। इस पर उसने कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी, लेकिन गौरव के परिवार वालों ने कहानी गढ़कर रिपोर्ट दर्ज करा दी। जबकि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। विमलेश कुमारी के मुताबिक उन्होंने न्याय पाने के लिए कोर्ट में शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज की। थाना प्रभारी ने इस बात की पुष्टि की है।
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