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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में 200 रुपये में कराइए ब्लड कल्चर जांच
Tue, 12 May 2026 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 12 May 2026 12:21 AM IST
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खास खबर...
फोटो-5- मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में जांच करते कर्मी। स्रोत:कर्मी
खून में मौजूद बैक्टीरिया और संक्रमण का पता चल सकेगा
पहले मरीजों को सैफई और कानपुर जाना पड़ता था
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जनपद के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। मेडिकल कॉलेज चिचौली की सेंट्रल लैब में ऑटोमेटेड ब्लड कल्चर जांच को स्थायी रूप से शुरू कर दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब आम जनता के लिए यह सुविधा उपलब्ध है। खास बात यह है कि यहां इस जांच का शुल्क मात्र 200 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि निजी पैथोलॉजी में इसके लिए एक हजार से अधिक खर्च करने पड़ते हैं।
अक्सर मरीजों को लंबे समय तक बुखार रहता है, सामान्य दवाओं का असर नहीं होता। ऐसी स्थिति में ब्लड कल्चर जांच रामबाण साबित होती है। जिले में अब तक इस जांच की सुविधा नहीं थी। यहां तक कि निजी पैथोलॉजी में जांच की सुविधा न होने से लोगों को सैफई और कानपुर ही जाना पड़ता था। लंबी बीमारी के चलते चिकित्सक भी मरीजों को रेफर कर देते थे लेकिन अब इस जांच के शुरू होने से मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इस सिस्टम से न केवल खून में मौजूद बैक्टीरिया और संक्रमण का पता चलता है, बल्कि रिपोर्ट यह भी बताती है कि मरीज पर कौन सी एंटीबायोटिक दवा सबसे प्रभावी होगी। इससे डॉक्टरों को सीधे सटीक दवा देने में मदद मिल रही है।
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इन बीमारियों की पहचान और इलाज में मिलेगी मदद
-खून का संक्रमण : जब बैक्टीरिया रक्तप्रवाह में फैल जाते हैं तो यह जानलेवा हो सकता है। इसकी पहचान समय पर होने से अंगों को खराब होने से बचाया जा सकता है।
- बुखार : लंबे समय से चल रहे बुखार का असली कारण जानने में यह सहायक है।
-एंडोकार्डाइटिस: हृदय के वॉल्व में होने वाले संक्रमण की पहचान।
गंभीर निमोनिया और मेनिनजाइटिस : खून के जरिए फैले इन संक्रमणों की पुष्टि के लिए यह अनिवार्य है।
एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस: यह जांच बताती है कि शरीर पर किन दवाओं ने असर करना बंद कर दिया है, जिससे इलाज की दिशा सही तय होती है।
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फोटो-5- मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में जांच करते कर्मी। स्रोत:कर्मी
खून में मौजूद बैक्टीरिया और संक्रमण का पता चल सकेगा
पहले मरीजों को सैफई और कानपुर जाना पड़ता था
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जनपद के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। मेडिकल कॉलेज चिचौली की सेंट्रल लैब में ऑटोमेटेड ब्लड कल्चर जांच को स्थायी रूप से शुरू कर दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब आम जनता के लिए यह सुविधा उपलब्ध है। खास बात यह है कि यहां इस जांच का शुल्क मात्र 200 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि निजी पैथोलॉजी में इसके लिए एक हजार से अधिक खर्च करने पड़ते हैं।
अक्सर मरीजों को लंबे समय तक बुखार रहता है, सामान्य दवाओं का असर नहीं होता। ऐसी स्थिति में ब्लड कल्चर जांच रामबाण साबित होती है। जिले में अब तक इस जांच की सुविधा नहीं थी। यहां तक कि निजी पैथोलॉजी में जांच की सुविधा न होने से लोगों को सैफई और कानपुर ही जाना पड़ता था। लंबी बीमारी के चलते चिकित्सक भी मरीजों को रेफर कर देते थे लेकिन अब इस जांच के शुरू होने से मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
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सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इस सिस्टम से न केवल खून में मौजूद बैक्टीरिया और संक्रमण का पता चलता है, बल्कि रिपोर्ट यह भी बताती है कि मरीज पर कौन सी एंटीबायोटिक दवा सबसे प्रभावी होगी। इससे डॉक्टरों को सीधे सटीक दवा देने में मदद मिल रही है।
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इन बीमारियों की पहचान और इलाज में मिलेगी मदद
-खून का संक्रमण : जब बैक्टीरिया रक्तप्रवाह में फैल जाते हैं तो यह जानलेवा हो सकता है। इसकी पहचान समय पर होने से अंगों को खराब होने से बचाया जा सकता है।
- बुखार : लंबे समय से चल रहे बुखार का असली कारण जानने में यह सहायक है।
-एंडोकार्डाइटिस: हृदय के वॉल्व में होने वाले संक्रमण की पहचान।
गंभीर निमोनिया और मेनिनजाइटिस : खून के जरिए फैले इन संक्रमणों की पुष्टि के लिए यह अनिवार्य है।
एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस: यह जांच बताती है कि शरीर पर किन दवाओं ने असर करना बंद कर दिया है, जिससे इलाज की दिशा सही तय होती है।