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घर में लगी आग, झुलसे गेल के संविदा कर्मी की मौत
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फोटो-07एयूआरपी-27 व 28- मौके पर जला पड़ा सामान एवं बेड। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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दिबियापुर (औरैया)। गेल विहार आवासीय कालोनी के एक आवास में रविवार रात आग लग गई। सूचना पाकर पहुंचे गेल के फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाया। हादसे में बेड पर लेटे गेल के टेलीकॉम विभाग में कार्यरत संविदा कर्मी की झुलस कर मौत हो गई। गेल कर्मी के घर आग लगने की वजह साफ नहीं हुई है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें जांच कर रही हैं।
गेल विहार आवासीय कालोनी के क्वार्टर नंबर ए-2/2 से रविवार की रात लगभग साढ़े 10 बजे धुआं उठता देख पड़ोसियों ने सुरक्षाकर्मियों को बुला लिया। काफी प्रयासों के बाद भी घर के अंदर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर गए तो देखा कि बेड पर आग लगी थी और जयंता जाना (57) लपटों से घिरे पड़े थे।
सुरक्षाकर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। जब सफल नहीं हुए तो गेल की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। झुलसे जयंता को गेल की डिस्पेंसरी ले जाया गया। यहां से उन्हें जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने जयंता को मृत घोषित कर दिया।
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जयंता मूल रूप से 7-ए/4 सरकार हट लेन कोलकाता पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। वह गेल से जुड़ी एवीएम कंपनी में संविदा कर्मी के तौर पर टेलीकॉम विभाग में वर्ष 2003 से कार्यरत थे। उनके भाई पार्थ जाना भी कई वर्षों पहले दिबियापुर में गेल कंप्रेशर स्टेशन में रह चुके हैं। जयंता की पत्नी अक्तूबर में दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता चली गई थीं।
मामले में सीओ सुरेंद्र नाथ का कहना है कि जिले के फायर विभाग की टीम व गेल के सेफ्टी विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। इधर, घटना के बाद गेल प्रशासन ने मीडिया के आवासीय कालोनी परिसर में जाने पर रोक लगा दी। गेल प्रशासन कुछ भी कहने से बचता नजर आया।
कमरे में चलता मिला टेलीविजन
जयंता के पड़ोसियों ने बताया कि जब वह लोग दरवाजा तोड़कर उनके घर में घुसे तो देखा कि टेलीविजन चल रहा है। इसलिए शार्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा कम ही है। शार्ट सर्किट होने पर एमसीवी गिर जाती।
दरवाजा खोलने पर अंदर जयंता बेड पर ही थे। कमरे में रूम हीटर जैसा कोई उपकरण भी नहीं मिला है। जांच के बाद ही आग लगने का कारण साफ हो सकेगा। सीओ सुरेंद्र नाथ का कहना है कि जयंता के बेड के पास में खाने के लिए चिकन व शराब की बोतल पड़ी थी।
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गेल विहार आवासीय कालोनी के क्वार्टर नंबर ए-2/2 से रविवार की रात लगभग साढ़े 10 बजे धुआं उठता देख पड़ोसियों ने सुरक्षाकर्मियों को बुला लिया। काफी प्रयासों के बाद भी घर के अंदर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर गए तो देखा कि बेड पर आग लगी थी और जयंता जाना (57) लपटों से घिरे पड़े थे।
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सुरक्षाकर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। जब सफल नहीं हुए तो गेल की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। झुलसे जयंता को गेल की डिस्पेंसरी ले जाया गया। यहां से उन्हें जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने जयंता को मृत घोषित कर दिया।
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जयंता मूल रूप से 7-ए/4 सरकार हट लेन कोलकाता पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। वह गेल से जुड़ी एवीएम कंपनी में संविदा कर्मी के तौर पर टेलीकॉम विभाग में वर्ष 2003 से कार्यरत थे। उनके भाई पार्थ जाना भी कई वर्षों पहले दिबियापुर में गेल कंप्रेशर स्टेशन में रह चुके हैं। जयंता की पत्नी अक्तूबर में दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता चली गई थीं।
मामले में सीओ सुरेंद्र नाथ का कहना है कि जिले के फायर विभाग की टीम व गेल के सेफ्टी विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। इधर, घटना के बाद गेल प्रशासन ने मीडिया के आवासीय कालोनी परिसर में जाने पर रोक लगा दी। गेल प्रशासन कुछ भी कहने से बचता नजर आया।
कमरे में चलता मिला टेलीविजन
जयंता के पड़ोसियों ने बताया कि जब वह लोग दरवाजा तोड़कर उनके घर में घुसे तो देखा कि टेलीविजन चल रहा है। इसलिए शार्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा कम ही है। शार्ट सर्किट होने पर एमसीवी गिर जाती।
दरवाजा खोलने पर अंदर जयंता बेड पर ही थे। कमरे में रूम हीटर जैसा कोई उपकरण भी नहीं मिला है। जांच के बाद ही आग लगने का कारण साफ हो सकेगा। सीओ सुरेंद्र नाथ का कहना है कि जयंता के बेड के पास में खाने के लिए चिकन व शराब की बोतल पड़ी थी।

फोटो07एयूआरपी-26-जयंता जाना (फाइल फोटो)- फोटो : AURAIYA