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Auraiya News: बीहड़ पट्टी के 12 गांवों में बाढ़ का खतरा
Fri, 05 Sep 2025 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:53 PM IST
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फोटो 05 एयूआरपी 39 बीझलपुर गांव में बाढ़ के पानी में खेलते बच्चे। संवाद
अयाना। यमुना नदी में करीब डेढ़ माह पहले आई बाढ़ से किनारे बसे लोगों के मुसीबतें पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाईं थीं। शुक्रवार सुबह से जलस्तर बढ़ने से नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है।
इससे बीहड़ पट्टी के 12 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यमुना नदी में आई बाढ़ ने अयाना क्षेत्र के 12 गांवों में जनजीवन प्रभावित कर दिया था। शुक्रवार दोपहर को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर के करीब पहुंच गया।
खतरे के निशान के करीब बह रही नदी का पानी जुहीखा, गूंज, असेवा, असेवटा, माई फरिहा, बीझलपुर, मिश्रपुर, जगतपुर नौरी आदि गांवों के किनारे पहुंच गया है। लोग बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए लगातार नदी के जलस्तर पर टकटकी लगाए हैं।
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लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो सुबह तक पानी गांवों में पहुंच जाएगा। उन्हें दोबारा अपने घरों को छोड़ना पड़ जाएगा। पानी खेतों में भरने से उनकी फसलें भी चौपट हो गईं हैं। वहीं प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
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इससे बीहड़ पट्टी के 12 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यमुना नदी में आई बाढ़ ने अयाना क्षेत्र के 12 गांवों में जनजीवन प्रभावित कर दिया था। शुक्रवार दोपहर को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर के करीब पहुंच गया।
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खतरे के निशान के करीब बह रही नदी का पानी जुहीखा, गूंज, असेवा, असेवटा, माई फरिहा, बीझलपुर, मिश्रपुर, जगतपुर नौरी आदि गांवों के किनारे पहुंच गया है। लोग बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए लगातार नदी के जलस्तर पर टकटकी लगाए हैं।
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लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो सुबह तक पानी गांवों में पहुंच जाएगा। उन्हें दोबारा अपने घरों को छोड़ना पड़ जाएगा। पानी खेतों में भरने से उनकी फसलें भी चौपट हो गईं हैं। वहीं प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की निगरानी की जा रही है।