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Auraiya News: बिजली चोरी में बकाया जमा करने पर पांच आरोपी दोषमुक्त
Sat, 02 May 2026 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 02 May 2026 12:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विशेष अदालत (विद्युत अधिनियम) ने बिजली चोरी के अलग-अलग मामलों पांच में सुनवाई करते हुए पांच आरोपियों को बड़ी राहत दी है। विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने विद्युत अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने बकाया बिल, राजस्व निर्धारण और शमन शुल्क जमा किए जाने के बाद निर्णय लिया
न्यायालय में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े बिजली चोरी के मामलों की सुनवाई हुई। अभियुक्त घसीटे खां के खिलाफ धारा 138 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज था। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 25 मार्च 2026 को अभियुक्त ने 1,812 रुपये बकाया, 10,000 रुपये शमन शुल्क और अन्य खर्चों सहित पूरी राशि जमा कर दी है। इसी प्रकार अयाना निवासी करन सिंह पर साल 2017 को बिजली चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उनके अधिवक्ता ने बताया कि करन सिंह ने 16 अप्रैल 2026 को 10 हजार रुपये शमन शुल्क और 1,443 रुपये राजस्व निर्धारण के साथ अन्य शुल्क जमा किए।
वहीं दिबियापुर के हरीलाल पर के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने 11 मार्च 2026 को 24190 रुपये बकाया बिल, 1019 रुपये राजस्व निर्धारण और आठ हजार रुपये शमन शुल्क जमा कर दिया था। थाना एंटी पावर थेफ्ट में शोभा मिश्रा के खिलाफ साल 2022 में मामला दर्ज हुआ था। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि शोभा ने दिसंबर 2023 में ही 3374 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये रुपये शमन शुल्क जमा कर दिया था। इसी प्रकार रामनरेश राजपूत के खिलाफ थाना एंटी पावर थेफ्ट
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में धारा 135-1 के तहत मामला दर्ज था। उन्होंने 31 दिसंबर 2025 को 5682 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये शमन शुल्क जमा किया, जिसके बाद विभाग ने 13 अप्रैल 2026 को नो-ड्यूज जारी किया।
विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने सभी फैसलों में स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 152 के तहत अभियुक्त निर्धारित धनराशि जमा कर देता है तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती। कानूनन इसे दंड प्रक्रिया के तहत दोषमुक्ति माना जाता है।
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औरैया। विशेष अदालत (विद्युत अधिनियम) ने बिजली चोरी के अलग-अलग मामलों पांच में सुनवाई करते हुए पांच आरोपियों को बड़ी राहत दी है। विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने विद्युत अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने बकाया बिल, राजस्व निर्धारण और शमन शुल्क जमा किए जाने के बाद निर्णय लिया
न्यायालय में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े बिजली चोरी के मामलों की सुनवाई हुई। अभियुक्त घसीटे खां के खिलाफ धारा 138 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज था। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 25 मार्च 2026 को अभियुक्त ने 1,812 रुपये बकाया, 10,000 रुपये शमन शुल्क और अन्य खर्चों सहित पूरी राशि जमा कर दी है। इसी प्रकार अयाना निवासी करन सिंह पर साल 2017 को बिजली चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उनके अधिवक्ता ने बताया कि करन सिंह ने 16 अप्रैल 2026 को 10 हजार रुपये शमन शुल्क और 1,443 रुपये राजस्व निर्धारण के साथ अन्य शुल्क जमा किए।
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वहीं दिबियापुर के हरीलाल पर के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने 11 मार्च 2026 को 24190 रुपये बकाया बिल, 1019 रुपये राजस्व निर्धारण और आठ हजार रुपये शमन शुल्क जमा कर दिया था। थाना एंटी पावर थेफ्ट में शोभा मिश्रा के खिलाफ साल 2022 में मामला दर्ज हुआ था। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि शोभा ने दिसंबर 2023 में ही 3374 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये रुपये शमन शुल्क जमा कर दिया था। इसी प्रकार रामनरेश राजपूत के खिलाफ थाना एंटी पावर थेफ्ट
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में धारा 135-1 के तहत मामला दर्ज था। उन्होंने 31 दिसंबर 2025 को 5682 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये शमन शुल्क जमा किया, जिसके बाद विभाग ने 13 अप्रैल 2026 को नो-ड्यूज जारी किया।
विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने सभी फैसलों में स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 152 के तहत अभियुक्त निर्धारित धनराशि जमा कर देता है तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती। कानूनन इसे दंड प्रक्रिया के तहत दोषमुक्ति माना जाता है।