घर छोड़ किसानों ने खेतों में डाला डेरा, फसल सुखाने में जुटे
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औरैया। तबाही का मंजर लेकर आई बुधवार रात के थमने के 48 घंटे बाद शुक्रवार को सुबह धूप निकलने से किसानों ने राहत की सांस ली। किसान खेतों में पड़ी अपनी फसल को समेटने में लग गए। कुछ किसान फसल सुखाने में और कुछ काटने में जुटे गए हैं। हालांकि बादलों के आते-जाते देख किसान के दिलों की धड़कने तेज हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शहर में बिजली आपूर्ति भी पटरी पर लौट आई। सुबह से पानी की सप्लाई शुरू हो गई। ग्रामीण इलाकों में अभी बिजली पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौटी है। हालांकि बिजली विभाग को खासा नुकसान झेलना पड़ा। अधीक्षण अभियंता अजय कपूर ने बताया कि जिले भर में आई आंधी और बारिश से 100 बिजली के खंभे उखड़े हैं। एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हुईं हैं। सभी को बदलने का काम किया जा रहा है। एक-दो दिन में बिजली व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। करीब आठ से 10 लाख के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
कुछ ने शुरू की कटाई तो कुछ जमीन सूखने के इंतजार में
पाता (औरैया)। शुक्रवार को मौसम साफ देखकर किसान अपने परिवार सहित खेतों पर पहुंचे और गेहूं की फसल की कटाई का काम शुरू किया। किसानों ने गट्ठर में बंधे रखे गेहूं को उलट-पलट कर व खोलकर सुखाना शुरू कर दिया है। इस आंधी पानी से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। जिनकी फसल कट गई थी, उनके गट्ठरों में तो काफी गेहूं की बालियां काली पड़कर सड़ गई हैं। हालांकि ज्यादातर किसान खड़ी फसलों को और सूख जाने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम के रुख से अभी आशंकित है। किसान एक दो दिन और मौसम के रुख को भांपकर ही कटाई का काम आगे बढ़ाएंगे। हालांकि किसान सुबह और शाम ही खेतों के काम निपटाते हैं पर मौसम के भय से किसानों ने भरी दोपहर भी काम किया।
बेटी की शादी के लिए पहले काट लिए थे गेहूं, अब हो गए बर्बाद
पाता (औरैया)। पाता क्षेत्र के बढ़ुआ गांव निवासी महिपत पत्नी जयदेवी व बेटियों के साथ शुुक्रवार दोपहर खेतों पर गेहूं के गट्ठर खोल कर सुखाने में लगे रहे। अपनी बेटियों संग काम कर रही महिपत की पत्नी जयदेवी ने बताया कि उसके घर का खर्चा कुछ बीघा वरासत की जमीन और कुछ बीघा बटाई पर खेती करके चलता है। पिछले वर्ष उसने सत्तर हजार के गेहूं बेचे थे। इस साल उसके गेहूं 20 या 25 हजार के ही बिक जाएं तो बहुत होगा। खेत में काम कर रही उसकी बेटी की शादी 29 अप्रैल को है। जिसकी लगन 25 अप्रैल को जाएगी। इस वजह से उसने अपने व बटाई के खेतों में पहले से ही फसल काट ली थी। मौसम की मार से बहुत से गेहूं उड़ गए और जो बचे हैं गट्ठर खोल कर ज्यादातर काले, सड़े और खराब ही निकल रहे हैं। उसने सोचा था कि वह यह रकम अपनी बेटी की शादी में लगाएगी पर अब कुछ नहीं बचा। कार्ड बंटने की वजह से अब शादी तो किसी तरह करनी ही है। महिपत को आस है कि शायद शासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद मिल सके।
तीन दिन तक बंद रहेगी कटाई और मड़ाई
बिधूना (औरैया)। बुधवार की रात हुई बारिश से खेतो में खड़ी गेहूं की फसल में भारी नुकसान हुआ। अधिक बारिश होने से तहसील क्षेत्र में लगभग दो से तीन दिन के लिए गेहूं की कटाई और मड़ाई बंद हो गयी। किसानों कहना है कि बारिश से खेतो कटे पडे़ गेहूं की फसल में भारी नुकसान हुआ है। आंधी से टूटे बिजली तारों से तहसील क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बिगड़ी हुई है। जिसे सही होने एक या दो दिन लग सकता है।
बिधूना तहसील क्षेत्र के पसुआ गांव के किसान छोटे सिंह ने बताया कि वह दूसरो की जमीन को बटाई पर लेकर खेती करते हैं। दो दिन से हो रही बारिश से भारी नुकसान हुआ है। लागत भी निकलना मुश्किल है।
बिधूना के किसान रामशंकर वर्मा ने कहा कि दो दिन से हो रही बारिश से खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ। लागत निकालना भी मुश्किल पड़ रहा है। किसी तरह काम चला रहे हैं।
बिधूना के किसान शिवमंगल सिंह सेंगर ने कहा कि खेतों में गेहूं की 70 बीघे फसल खड़ी थी। दो दिन पहले हुई बारिश से गेहूं की फसल में पानी भरने से दो तीन दिन फसल नहीं कट पाएगी।
बिधूना के किसान प्रेमचन्द्र शाक्य ने बताया इस साल कई लोगों का खेत बटाई पर ले रखा था। जिसमें गेहूं की फसल बोई थी। बारिश ने पूरे अरमान धो डाले। अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
मौसम खुलने से कटाई हुई शुरू
अयाना (औरैया)। कम बारिश वाले इलाकों जिसमें अयाना क्षेत्र के गांव हरतौल, बीजलपुर, रहटौली, कछपुरा, सिखरना आदि में खेतों में पड़ी फसल को काटने का काम किसानों ने शुक्रवार से शुरू कर दिया। अयाना के किसान हीरेंद्र व सन्नो ने बताया कि सूखे होने पर आसानी से कटाई हो जाती है। बारिश की वजह से खेत नम हैं इसलिए काटने में मेहनत लग रही है। किसानों ने कहा कि अगर एक-दो दिन ठीक से आसमान खुला रहे तो वह फसल काटकर घर ले जा सकते हैं। किसान भरी दोपहरी में घरों को छोड़ खेतों में जमा है।
दाना पड़ गया काला, मुसीबत में किसान
अटसू (औरैया)। क्षेत्र के गांव सौरी गड़िया, पुरवा मदन सिंह कटरइया, चांदपुर बिधूनी, सतेड़ी, नवलपुर समेत दर्जनों गांवों के कि सानों की फसलें बारिश से चौपट हो गईं। कटाई और मड़ाई का काम तीन दिन से ठप है। पुरवा मदनसिंह के किसान गंभीर सिंह, बलबीर सिंह, संजीव सिंह, मुनीम सिंह, रामप्रकाश दुबे, धारासिंह यादव समेत कई किसानों की फसलें ओले और बारिश से बर्बाद हो गईं। गेहूं का दाना काला पड़ गया है। एक बीघा में कुल लागत अनुमानत: छह हजार रुपये आती है। एक बीघा में 8 से 11 क्विंटल गेहूं पैदा होता है। किसानों का कहना है कि इस बार लागत भी निकालना मुश्किल है।
तीन दिन से बिजली न आने से पेयजल संकट गहराया
रुरुगंज (औरैया)। बुधवार देर रात तेज आंधी पानी के चलते कई जगहों पर बिजली के ट्रांसफॉर्मर, खंभे आदि टूटने के कारण भारी नुकसान हुआ है। रुरुगंज कस्बा क्षेत्र में तीन दिन से बिजली आपूर्ति न होने से पेयजल संकट गहरा गया है। बिजली न होने से गेहूं की पिसाई नहीं हो पा रही है। कारखाना मालिक अरविंद राजपूत, राजनरायन गुप्ता ने बताया कि तीन दिन से बिजली आपूर्ति न मिलने से क्षेत्र में हाहाकार मचा है। सबस्टेशन के जेई प्रदीप कुमार का कहना है कि आंधी के चलते कई जगहों पर पोल टूट गए हैं। कई जगह तार और खंभे उखड़ गए हैं। पावर हाउस की पूरी टीम काम कर रही है। जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
बिजली आपूर्ति बहाल, गिरे पेड़ों को काट रहे लोग
अछल्दा (औरैया)। अछल्दा क्षेत्र में आंधी और पानी में दर्जनों पेड़ टूटकर गिर गए थे। मकानों में भी पेड़ गिर गए थे। शुक्रवार सुबह से लोग अपने मकानों से मलबा हटाने में जुटे रहे। यहां बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।