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बैंक के कर्ज से परेशान किसान ने की आत्महत्या
अमर उजाला, औरैया
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:47 PM IST
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अमृतलाल का फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
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सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रोहरी में बैंक के कर्ज से परेशान एक किसान ने दस दिन पहले जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने भय के चलते पुलिस को भी घटना की सूचना नहीं दी और शव का दाह संस्कार कर दिया।
ग्राम रोहरी निवासी अमृतलाल (58) पुत्र स्व.गोपीचरन ने 23 जून को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई के डर से बिना सूचना दिए ही अंतिम संस्कार कर दिया।
इस संबंध में अमृतलाल के छोटे पुत्र ओमहरी ने बताया कि उसके पिता ने 28 अगस्त 2016 को केसीसी कार्ड से बैंक आफ बड़ौदा से एक लाख 25 हजार रुपये कर्ज लिया था। बीती 23 मई को भतीजी की शादी के दौरान उसके पिता ने गांववालों से भी लगभग एक लाख रुपये उधार ले लिया था।
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बैंक में रुपये जमा करने करने की तिथि आ गई थी। ऐसे में रुपये न होने के कारण उसके पिता बहुत परेशान रहते थे। इसके चलते उन्होंने 23 जून को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया कि उसके पिता के नाम गांव में छह बीघा जमीन है। साथ ही मरने से चार दिन पहले पिता के नाम इंदिरा आवास योजना के तहत आवास भी स्वीकृत हो गया है। इसकी किस्त भी उनके खाते मेें आ चुकी है।
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ग्राम रोहरी निवासी अमृतलाल (58) पुत्र स्व.गोपीचरन ने 23 जून को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई के डर से बिना सूचना दिए ही अंतिम संस्कार कर दिया।
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इस संबंध में अमृतलाल के छोटे पुत्र ओमहरी ने बताया कि उसके पिता ने 28 अगस्त 2016 को केसीसी कार्ड से बैंक आफ बड़ौदा से एक लाख 25 हजार रुपये कर्ज लिया था। बीती 23 मई को भतीजी की शादी के दौरान उसके पिता ने गांववालों से भी लगभग एक लाख रुपये उधार ले लिया था।
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बैंक में रुपये जमा करने करने की तिथि आ गई थी। ऐसे में रुपये न होने के कारण उसके पिता बहुत परेशान रहते थे। इसके चलते उन्होंने 23 जून को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया कि उसके पिता के नाम गांव में छह बीघा जमीन है। साथ ही मरने से चार दिन पहले पिता के नाम इंदिरा आवास योजना के तहत आवास भी स्वीकृत हो गया है। इसकी किस्त भी उनके खाते मेें आ चुकी है।