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Auraiya News: कोटा से परिजन लाए छात्रा शव, किया अंतिम संस्कार
Fri, 01 Dec 2023 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 01 Dec 2023 11:44 PM IST
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अछल्दा। कोटा में रहकर तैयारी कर रही गांव नगला जोधा निवासी एक छात्रा के खुदकुशी की सूचना पर पहुंचे परिजन बृहस्पतिवार की देर रात उसका शव लेकर गांव लौट आए। घटना से परिवार सदमे में है। घटना के पीछे के कारणों को लेकर पूरा परिवार कुछ भी बताने से बचता रहा। शुक्रवार को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया।
थाना क्षेत्र के गांव नगला जोधा निवासी औसान सिंह की पुत्री निशा यादव 21 पिछले छह माह से कोटा शहर के महावीर नगर स्थित एक हास्टल में रहकर नीट की तैयारी रही थी। वहां बुधवार की देर रात उसने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। खुदकुशी की सूचना पर परिजन बृहस्पतिवार को जयपुर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि छह माह पहले पिता औसान सिंह ने नीट की तैयारी करवाने के लिए कोटा स्थित एक कोचिंग सेंटर में प्रवेश करवाया था। बताया कि पहले वह कोटा में इन्द्रानगर के एक हॉस्टल में रहती थी। 18 नवंबर को पिता औसान सिंह ने कोटा पहुंचकर महावीर नगर में स्थित दूसरे हास्टल में शिफ्ट कराया। था।
इसके बाद वह 23 नवंबर को कोटा से घर लौट आए थे। परिजनों ने बताया कि घटना वाले दिन बुधवार को निशा की अपने पिता औसान सिंह से रात में फोन से बात भी हुई थी। इसके बाद पिता ने देर रात अपनी पुत्री को फिर से फोन मिलाया, लेकिन पुत्री से बात नहीं हो सकी। इस पर पिता को कुछ शंका होने पर उन्होंने हॉस्टल के संचालक श्याम पेशवानी को फोन करके पुत्री से बात करवाने के लिए कहा, तो हॉस्टल संचालक छात्रा के कमरे में पहुंचे। कई बार दरवाजा खटखटाने व आवाज देने के बाद भी जब निशा ने गेट नहीं खोला। तो रात लगभग डेढ़ बजे उन्होंने कमरे का गेट तुड़वाया। अंदर निशा फंदे पर लटकी मिली। इस पर हॉस्टल संचालक ने छात्रा के परिजनों को सूचना दी ।
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हॉस्टल संचालक ने बताया कि हॉस्टल में 19 कमरे हैं। जिनमें 12 गर्ल्स स्टूडेंट रहती हैं। निशा के सुसाइड के बाद सभी सदमे में हैं। जानकारी होने पर मृतक छात्रा के पिता औसान सिंह एवं मां सरोज देवी ने कोटा पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करवाया। मृतका के दो बड़े भाई पुष्पेंद्र और प्रवेंद्र हैं।
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थाना क्षेत्र के गांव नगला जोधा निवासी औसान सिंह की पुत्री निशा यादव 21 पिछले छह माह से कोटा शहर के महावीर नगर स्थित एक हास्टल में रहकर नीट की तैयारी रही थी। वहां बुधवार की देर रात उसने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। खुदकुशी की सूचना पर परिजन बृहस्पतिवार को जयपुर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि छह माह पहले पिता औसान सिंह ने नीट की तैयारी करवाने के लिए कोटा स्थित एक कोचिंग सेंटर में प्रवेश करवाया था। बताया कि पहले वह कोटा में इन्द्रानगर के एक हॉस्टल में रहती थी। 18 नवंबर को पिता औसान सिंह ने कोटा पहुंचकर महावीर नगर में स्थित दूसरे हास्टल में शिफ्ट कराया। था।
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इसके बाद वह 23 नवंबर को कोटा से घर लौट आए थे। परिजनों ने बताया कि घटना वाले दिन बुधवार को निशा की अपने पिता औसान सिंह से रात में फोन से बात भी हुई थी। इसके बाद पिता ने देर रात अपनी पुत्री को फिर से फोन मिलाया, लेकिन पुत्री से बात नहीं हो सकी। इस पर पिता को कुछ शंका होने पर उन्होंने हॉस्टल के संचालक श्याम पेशवानी को फोन करके पुत्री से बात करवाने के लिए कहा, तो हॉस्टल संचालक छात्रा के कमरे में पहुंचे। कई बार दरवाजा खटखटाने व आवाज देने के बाद भी जब निशा ने गेट नहीं खोला। तो रात लगभग डेढ़ बजे उन्होंने कमरे का गेट तुड़वाया। अंदर निशा फंदे पर लटकी मिली। इस पर हॉस्टल संचालक ने छात्रा के परिजनों को सूचना दी ।
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हॉस्टल संचालक ने बताया कि हॉस्टल में 19 कमरे हैं। जिनमें 12 गर्ल्स स्टूडेंट रहती हैं। निशा के सुसाइड के बाद सभी सदमे में हैं। जानकारी होने पर मृतक छात्रा के पिता औसान सिंह एवं मां सरोज देवी ने कोटा पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करवाया। मृतका के दो बड़े भाई पुष्पेंद्र और प्रवेंद्र हैं।