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भागदौड़ से बचने के लिए परिजन गृह नगर पटना में ही दर्ज कराना चाहते हैं रिपोर्ट

Wed, 26 Feb 2020 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 12:24 AM IST
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दिबियापुर (औरैया)। फफूंद एवं पाता रेलवे स्टेशन के मध्य रेलवे ट्रैक पर 28 जनवरी की सुबह बिहार निवासी मां-बेटी का शव मिलने के मामले में दिबियापुर पुलिस ने मामला जीआरपी का बताया है। जीआरपी का कहना है कि मृतक के परिजन भाग दौड़ से बचने के लिए घटना की रिपोर्ट अपने गृहनगर पटना में ही दर्ज कराना चाहते हैं। इसलिए वह पटना गए हैं।
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महिला एवं एक मासूम बच्ची का शव फफूंद एवं पाता रेलवे स्टेशन के मध्य रेल ट्रैक पर मिला था। काफी खोजबीन के बाद मगध एक्सप्रेस के एसी कोच में यात्रा कर रहे मूल रूप से पटना निवासी दिल्ली में एनीमेशन विजुअलाइजर कुंदन राय चौधरी ने सोशल मीडिया पर पहुंची फोटो में महिला के शव की शिनाख्त अपनी पत्नी पूरोबी गांगुली एवं मासूम के शव की शिनाख्त बेटी शालिनी के रूप में की थी। अगले दिन दिबियापुर पहुंचे मृतका के पिता प्रदोष गांगुली, बहन पापिया गांगुली, पति कुंदन राय चौधरी ने शव की शिनाख्त कर ली थी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ था। भले ही एसी कोच से मां बेटी के गिरने की घटना किसी के गले नहीं उतर रही थी। इसके बावजूद मृतका के पिता द्वारा किसी कार्रवाई से इंकार करने के कारण मां-बेटी के शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था।
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रविवार को उस समय घटना में नया मोड़ आ गया था जब दिबियापुर पहुंचे प्रदोष गांगुली पुत्र स्व.परिमल कांत गांगुली निवासी साउथ आफ यारपुर डीवीसी चौक पटना बिहार ने दिबियापुर थाना पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया था दहेज के लिए बेटी पुरोबी गांगुली एवं नातिन शालिनी राय की दामाद कुंदन राय ने ट्रेन से फेंककर हत्या कर दी थी। पति पर किसी लड़की से अवैध संबंध होने का भी आरोप लगाया था। इस मामले में दिबियापुर पुलिस ने मामले की जांच के बाद पाया कि पूरा घटनाक्रम ट्रेन के अंदर ही हुआ। इसलिए घटना जीआरपी क्षेत्र में है। इसलिए दिबियापुर पुलिस ने मृतका पुरोबी गांगुली के पिता प्रदोष गांगुली एवं बहन पापिया गांगुली को जीआरपी थाना इटावा भेज दिया।
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इस संबंध में जीआरपी इटावा के इंस्पेक्टर कृपाशंकर का कहना है कि प्रदोष गांगुली रविवार शाम इटावा आए थे। परंतु वह भागदौड़ से बचने के लिए अपने गृहनगर पटना में ही मामले की रिपोर्ट दर्ज कराना चाहते थे। इसलिए वह लोग वापस पटना चले गए हैं।
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