{"_id":"629a4f263ed5f830533d1b4f","slug":"every-house-water-every-house-tap-scheme-is-giving-water-in-papers-auraiya-news-knp7004633126","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर घर जल, हर घर नल योजना कागजों में दे रही पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर घर जल, हर घर नल योजना कागजों में दे रही पानी
विज्ञापन
बिछाई गई पाइप लाइन से टोंटी जोड़ते मजदूर (फाइल फोटो)। संवाद
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। हर घर जल, हर घर नल योजना कागजों तक सीमित रह गई है। बेला में डेढ़ वर्ष पहले पाइप लाइन बिछाई गई। इसके बाद कुछ घरों में कनेक्शन भी किए गए, लेकिन लोगों को आज तक पानी की एक बूंद नसीब नहीं हो सकी है। गांव के लोग भीषण गर्मी में पेयजल संकट से जूझते हुए विभाग को कोसते नजर आ रहे हैं।
केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन की हर घर जल, हर घर नल योजना के तहत गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही हैं। जिले के कुछ गांवों में यह योजना काफी लाभकारी साबित हुई, पर बेला में यह योजना कागजों में ही पानी दे रही है। बेला गांव की 20 हजार आबादी आज भी शुद्ध पानी के लिए भटक रही है। गांव के लोग हैंडपंप, कुओं व निजी सबमर्सिबल से पानी ले रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे गांव में पाइप लाइन भी नहीं बिछाई गई है।
बेला गांव निवासी उजागर सिंह ने बताया कि उनके घर के पास में टंकी बनी है लेकिन उसका लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। एक साल बीतने के बाद भी लोगों को पानी सप्लाई का पानी नहीं मिला है। पूरे गांव के लोग कयास लगाए बैठे हैं कब पानी आए टोंटी में जिससे योजना का लाभ तो मिल सके।
विज्ञापन
बेला गांव से करीब दो किमी दूर मनवापुरवा गांव में भी कुछ ऐसा ही हाल है। दो सौ की आबादी वाले मनवापुरवा गांव के मुनीश कुमार ने बताया कि पाइपलाइन बिछाए एक साल से हो गया है, पर हमें अभी तक पानी नहीं मिला है। हमारा दिन पानी लाने से शुरू होता है और अगली सुबह पानी खोजने के तनाव के साथ खत्म होता है।
एक्सईएन जल निगम संजीत कटियार ने कहा कि गांव में लोग पहले कनेक्शन नहीं लेते हैं, फिर बाद में विभाग को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं पूरे गांव में पाइप लाइन नहीं बिछाए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी एई व जेई से की जा रही है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन की हर घर जल, हर घर नल योजना के तहत गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही हैं। जिले के कुछ गांवों में यह योजना काफी लाभकारी साबित हुई, पर बेला में यह योजना कागजों में ही पानी दे रही है। बेला गांव की 20 हजार आबादी आज भी शुद्ध पानी के लिए भटक रही है। गांव के लोग हैंडपंप, कुओं व निजी सबमर्सिबल से पानी ले रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे गांव में पाइप लाइन भी नहीं बिछाई गई है।
विज्ञापन
बेला गांव निवासी उजागर सिंह ने बताया कि उनके घर के पास में टंकी बनी है लेकिन उसका लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। एक साल बीतने के बाद भी लोगों को पानी सप्लाई का पानी नहीं मिला है। पूरे गांव के लोग कयास लगाए बैठे हैं कब पानी आए टोंटी में जिससे योजना का लाभ तो मिल सके।
विज्ञापन
बेला गांव से करीब दो किमी दूर मनवापुरवा गांव में भी कुछ ऐसा ही हाल है। दो सौ की आबादी वाले मनवापुरवा गांव के मुनीश कुमार ने बताया कि पाइपलाइन बिछाए एक साल से हो गया है, पर हमें अभी तक पानी नहीं मिला है। हमारा दिन पानी लाने से शुरू होता है और अगली सुबह पानी खोजने के तनाव के साथ खत्म होता है।
एक्सईएन जल निगम संजीत कटियार ने कहा कि गांव में लोग पहले कनेक्शन नहीं लेते हैं, फिर बाद में विभाग को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं पूरे गांव में पाइप लाइन नहीं बिछाए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी एई व जेई से की जा रही है।