राम राज्याभिषेक के साथ श्री रामकथा का समापन
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ग्राम मुड़ैना रामदत्त में दस दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ का मंगलवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने अपने मुखारबिंदु से सुरसरि कथा अमृत का मार्मिक वर्णन करते हुए राम राज्याभिषेक का वर्णन कर रामराज्य की व्याख्या की।
बताया कि भगवान राम जब रावण को मारकर अयोध्या वापस आए तो अयोध्यावासियों ने उनका बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया। अयोध्यावासियों ने फूल वर्षा कर तथा घर में उत्सव मनाकर घी के दिए जलाकर के राम, लक्ष्मण तथा सीता का स्वागत किया।
श्री राम कथा में जगदगुरु रामभद्राचार्य जी ने कहा कि श्री रामचंद्र जी के राज्याभिषेक में समस्त ब्रह्मांड के देवी देवता पधारे थे। सभी ने राम को राजा बनते देखकर अपार हर्ष व्यक्त किया था।
जगद्गुरु ने रामराज्य की महिमा का बखान करते हुये बताया कि रामराज्य में किसी भी प्राणी को दुख था। कोई किसी से बैर भाव नहीं रखता था। असमय मृत्यु नहीं होती थी। सभी प्राणी बहुत सुख रहते थे।
श्री राम कथा में राज्याभिषेक के समय राजा रामचंद्र जी के जयकारों से पूरा पंडाल गुंजायमान हो गया। कार्यक्रम आयोजकों आरती उतार कर एवं फूल वर्षा कर राम का राज्याभिषेक करने के बाद कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर समस्त राघव परिवार एवं हजाराें की संख्या में श्रोतागण उपस्थिति रहे।