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Auraiya News: सुलभ न हो सका रोजगार, बदहाल पड़े हाट बाजार

Mon, 05 Jun 2023 11:24 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 05 Jun 2023 11:24 PM IST
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Employment could not be accessible, Haat Bazar is in disrepair
औरैया। गांव में लोगों को सुलभ स्वरोजगार के लिए बनाए गए हाट बाजार अनदेखी के कारण गुलजार नहीं हो सके। लाखों की लागत से बने हाट बाजार वीरान हो गए हैं। अफसरों की बेरुखी और दम तोड़ती योजना का आलम यह है कि इन पर लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। कुछ जगहों पर तो इनका नामोनिशान तक मिट गया है।
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जिले के अधिकांश बड़ी पंचायतों में वर्ष 2004 से 2005 के बीच हॉट बाजार बनाए गए थे। इसके पीछे का मकसद था कि गांव के किसान और बेरोजगार लोग हाट बाजार में अपनी दुकानें लगाएं, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिले। इसके लिए सरकारों ने गृह उद्योग को बढ़ावा भी दिया। मगर समय के साथ सब कुछ बदलता चला गया। हालात यह है कि अजीतमल तहसील क्षेत्र में रुरल मार्केटिंग योजना के तहत बनाए गए हॉट पैठ (हाट बाजार) जर्जर हो चुके हैं। लोग यह भी भूल गए हैं कि कभी गांव में बाजार भी लगा करती थी। अनदेखी के कारण अब गांंवों में बाजारें भी गुलजार होती नजर नहीं आ रही है। यही कारण है कि गांव से निकल कर लोग कस्बों का रुख कर रहे हैं। अजीतमल के ज्यादातर हाठ बाजार बदहाल
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अजीतमल क्षेत्र के गांव नबलपुर ब्यौरा में बनाए गए हॉट बाजार में चार लाख 50 हजार, बहादुरपुर ऊंचा में चार लाख 70 हजार, हैंदरपुर में छह लाख रुपये का बजट खर्च किया गया था। वहीं, बिरुहूनी के हॉट पैठ पर पांच लाख 50 हजार, जगदीशपुर रतनीपुर में पांच लाख, सांफर में चार लाख 50 हजार रुपये के बजट से बनाए गए थे। इसके अलावा अजीतमल ब्लाक की आठ ग्राम पंचायतों में तीन शेड व खुले प्लेटफार्म व फिश शेड भी शामिल थे। जो आज जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं।
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बोले ग्रामीण
गांव बिरूहूनी निवासी आलोक बताते हैं कि लगभग 19 साल पहले बनाए गए हॉट पैठ अनदेखी के कारण जर्जर हो चुके हैं। प्लेट फार्म उखड़ चुके हैं। यहां तक की टिनशेड भी गायब हो गईं हैं। पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। अब लोग इसका मकसद भी नहीं जानते हैं कि यह किस कारण से बने थे। कौशल किशोर पांडेय कहते हैं कि शासन को चाहिए कि वह टिनशेड, पेयजल व प्लेटफार्म दुरुस्त कराए और जहां-जहां बाजार नहीं लग पा रहा है। वहां बाजार लगवाए। तभी सरकार की मंशा साकार हो सकेगी। साथ ही रुरल मार्केटिंग योजना सफल हो सकेगी।

वर्जन
जिस-जिस स्थान पर हॉट पैठ बने हैं उनको संबंधित पंचायत सचिवों को भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। साथ ही पंचायत की धनराशि से उनको दुरुस्त कराया जाएगा। जिससे इन हॉट पैठ का संचालन हो सके और ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।- शिव शंकर सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, औरैया।
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