{"_id":"5d5703998ebc3e89c003847b","slug":"electricity-and-gas-connection-holders-will-not-get-kerosene-auraiya-news-knp5078077101","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली और गैस कनेक्शन धारकों को नहीं मिलेगा कैरोसिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली और गैस कनेक्शन धारकों को नहीं मिलेगा कैरोसिन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। आने वाले दिनों में बिजली और गैस कनेक्शन वाले राशनकार्ड धारकों को केरोसिन से वंचित होना पड़ेगा। शासन से इस आशय का फरमान जारी कर दिया गया है। जिला पूर्ति विभाग ने आदेश मिलने के बाद सर्वे करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शासन ने खाद्य एवं रसद विभाग को फरमान जारी कर रसोई गैस और विद्युत कनेक्शन धारकों को चिह्नित कर केरोसिन तेल वितरण की सूची से नाम काटने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से घर-घर इसकी जांच की जाएगी। शासन निर्देशों के बाद विभाग ने कमर कस ली है। सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। डीएसओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सौभाग्य योजना व उज्जवला योजना संचालित कर केंद्र सरकार ने देश भर में बड़ी संख्या में लोगों को बिजली और रसोई गैस के कनेक्शन वितरित किए हैं। शासन का मानना है कि ऐसे में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को अब मिट्टी के तेल की जरूरत नहीं है। इसको लेकर सर्वे शुरू किया जाएगा। प्रत्येक राशनकार्ड धारक से जानकारी ली जाएगी।
ब्रह्मनगर निवासी दीपू शुक्ला का कहना है कि सरकार का फैसला ठीक है। बिजली और गैस कनेक्शन का लाभ मिलने के बाद मिट्टी के तेल की जरूरत लगभग समाप्त हो चुकी है। मिट्टी के तेल से राहत कम, इसकी कालाबाजारी अधिक होती है।
विज्ञापन
अयाना निवासी किशन सिंह का कहना है कि इस समय बिजली के तमाम विकल्प मौजूद हैं। बैटरी से चलने वाले पंखे और बल्ब से लेकर सोलर प्लेट तक लोगों के घरों में मौजूद हैं। सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। मिट्टी के तेल का प्रयोग अब नहीं हो रहा।
फरिहा निवासी बसंत लाल ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे सब्जिडी समाप्त कर रही है और महंगाई बढ़ रही है। ऐसे में गरीबों के सामने भुखमरी की समस्या खड़ी होती जा रही है। मिट्टी के तेल से आम आदमी के घर में कम से कम आसानी से रोशनी पहुंच रही थी।
विज्ञापन
शासन ने खाद्य एवं रसद विभाग को फरमान जारी कर रसोई गैस और विद्युत कनेक्शन धारकों को चिह्नित कर केरोसिन तेल वितरण की सूची से नाम काटने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से घर-घर इसकी जांच की जाएगी। शासन निर्देशों के बाद विभाग ने कमर कस ली है। सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। डीएसओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सौभाग्य योजना व उज्जवला योजना संचालित कर केंद्र सरकार ने देश भर में बड़ी संख्या में लोगों को बिजली और रसोई गैस के कनेक्शन वितरित किए हैं। शासन का मानना है कि ऐसे में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को अब मिट्टी के तेल की जरूरत नहीं है। इसको लेकर सर्वे शुरू किया जाएगा। प्रत्येक राशनकार्ड धारक से जानकारी ली जाएगी।
विज्ञापन
ब्रह्मनगर निवासी दीपू शुक्ला का कहना है कि सरकार का फैसला ठीक है। बिजली और गैस कनेक्शन का लाभ मिलने के बाद मिट्टी के तेल की जरूरत लगभग समाप्त हो चुकी है। मिट्टी के तेल से राहत कम, इसकी कालाबाजारी अधिक होती है।
विज्ञापन
अयाना निवासी किशन सिंह का कहना है कि इस समय बिजली के तमाम विकल्प मौजूद हैं। बैटरी से चलने वाले पंखे और बल्ब से लेकर सोलर प्लेट तक लोगों के घरों में मौजूद हैं। सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। मिट्टी के तेल का प्रयोग अब नहीं हो रहा।
फरिहा निवासी बसंत लाल ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे सब्जिडी समाप्त कर रही है और महंगाई बढ़ रही है। ऐसे में गरीबों के सामने भुखमरी की समस्या खड़ी होती जा रही है। मिट्टी के तेल से आम आदमी के घर में कम से कम आसानी से रोशनी पहुंच रही थी।