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छठवीं कक्षा से दी जाएगी व्यावसायिक शिक्षा
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औरैया। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों को शैक्षणिक माहौल बदलेगा। प्राथमिक स्कूलों में सबसे अधिक जोर भाषा और गणित की शिक्षा पर दिया जाएगा। छठवीं कक्षा से व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी।
प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा बेहतर बनाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों की भाषा ज्ञान मजबूत कर गणित को सहज तरीके से पढ़ाया जाएगा। छठवीं कक्षा से सरकारी स्कूलों के बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी। इनके पाठ्यक्रम में व्यवसायिक कोर्स शामिल किए जाएंगे। ताकि उनका कौशल विकसित हो सके। जिले में 1265 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें एक लाख 16 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। नया पाठ्यक्रम नये शिक्षा सत्र से शुरू होगा।
किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों व युवाओं को नई शिक्षा नीति के तहत जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समग्र शिक्षा योजना के तहत उन्हें रोजगार के लायक बनाया जाएगा। जिले में ऐसे छात्र भी हैं जो पारवारिक, शारीरिक व आर्थिक विषय परिस्थितियों के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसे छात्रों को शिक्षा विभाग ड्रॉप आउट श्रेणी में मानता है। शिक्षा नीति के तहत बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के स्किल सेंटर भी बनेंगे।
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नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में व्यावसायिक कोर्स शामिल करने से छात्रों का कौशल उन्नत होगा। पढ़ाई के बाद वे स्वरोजगार कर सकेंगे। नये सत्र से नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी चल रही है।
- चंदना राम इकबाल यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा बेहतर बनाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों की भाषा ज्ञान मजबूत कर गणित को सहज तरीके से पढ़ाया जाएगा। छठवीं कक्षा से सरकारी स्कूलों के बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी। इनके पाठ्यक्रम में व्यवसायिक कोर्स शामिल किए जाएंगे। ताकि उनका कौशल विकसित हो सके। जिले में 1265 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें एक लाख 16 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। नया पाठ्यक्रम नये शिक्षा सत्र से शुरू होगा।
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किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों व युवाओं को नई शिक्षा नीति के तहत जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समग्र शिक्षा योजना के तहत उन्हें रोजगार के लायक बनाया जाएगा। जिले में ऐसे छात्र भी हैं जो पारवारिक, शारीरिक व आर्थिक विषय परिस्थितियों के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसे छात्रों को शिक्षा विभाग ड्रॉप आउट श्रेणी में मानता है। शिक्षा नीति के तहत बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के स्किल सेंटर भी बनेंगे।
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नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में व्यावसायिक कोर्स शामिल करने से छात्रों का कौशल उन्नत होगा। पढ़ाई के बाद वे स्वरोजगार कर सकेंगे। नये सत्र से नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी चल रही है।
- चंदना राम इकबाल यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी