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टीएमवी में एमए प्रथम वर्ष में नहीं होंगे प्रवेश
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औरैया। तिलक महाविद्यालय में एमए प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर चली आ रही खींचतान को लेकर शुक्रवार को कालेज की प्रबंध कमेटी सामने आई। कमेटी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्र संख्या कम होने पर कक्षाएं शुरू नहीं हो सकेंगी। इस संबंध में रजिस्ट्रार कार्यालय को भी अवगत करा दिया गया है।
शुक्रवार को तिलक महाविद्यालय कमेटी के मंत्री संतोष गुप्ता व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि एमए प्रथम वर्ष की भूगोल, समाज शास्त्र, हिंदी और राजनीति शास्त्र की कक्षाएं स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत चलाईं जाती है। इन विषयों में सात वर्षों से लगातार छात्रों की संख्या तीन से चार देखने को मिल रही थी। पिछले तीन वर्ष में इन विषयों में महाविद्यालय प्रशासन को 16 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। इस साल प्रशासन नुकसान नहीं उठाना चाहता।
इन विषयों में प्रवेश के संबंध संबंधित शिक्षकों को अवगत कराया गया था कि यदि छात्र संख्या कम रहती है तो दिक्कतें आ सकती हैं। साथ ही रजिस्ट्रार कार्यालय को भी जानकारी दी गई और यूनीवर्सिटी में बीसी से चर्चा की गई थी। इसके बाद निर्णय लिया गया था कि यदि सभी विषयों में 35-35 संख्या छात्रों की रहती है तभी कक्षाएं संचालित होंगी। छात्रअन्य कालेजों में जाकर प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश की अंतिम तिथि यूनीवर्सिटी द्वारा बढ़ाई गई है। कमेटी के मंत्री ने बताया कि स्कूल के शिक्षक छात्रों को आगे करके राजनीति कर रहे हैं। यदि वह छात्रों के प्रवेश को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाते तो कमेटी को यह निर्णय नहीं लेना पड़ता।
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शुक्रवार को तिलक महाविद्यालय कमेटी के मंत्री संतोष गुप्ता व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि एमए प्रथम वर्ष की भूगोल, समाज शास्त्र, हिंदी और राजनीति शास्त्र की कक्षाएं स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत चलाईं जाती है। इन विषयों में सात वर्षों से लगातार छात्रों की संख्या तीन से चार देखने को मिल रही थी। पिछले तीन वर्ष में इन विषयों में महाविद्यालय प्रशासन को 16 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। इस साल प्रशासन नुकसान नहीं उठाना चाहता।
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इन विषयों में प्रवेश के संबंध संबंधित शिक्षकों को अवगत कराया गया था कि यदि छात्र संख्या कम रहती है तो दिक्कतें आ सकती हैं। साथ ही रजिस्ट्रार कार्यालय को भी जानकारी दी गई और यूनीवर्सिटी में बीसी से चर्चा की गई थी। इसके बाद निर्णय लिया गया था कि यदि सभी विषयों में 35-35 संख्या छात्रों की रहती है तभी कक्षाएं संचालित होंगी। छात्रअन्य कालेजों में जाकर प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश की अंतिम तिथि यूनीवर्सिटी द्वारा बढ़ाई गई है। कमेटी के मंत्री ने बताया कि स्कूल के शिक्षक छात्रों को आगे करके राजनीति कर रहे हैं। यदि वह छात्रों के प्रवेश को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाते तो कमेटी को यह निर्णय नहीं लेना पड़ता।
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