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हर्ड इम्युनिटी से औरैया अभी 14 फीसदी पीछे
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औैरैया। हर्ड इम्युनिटी के बूते कोरोना को हराने का सपना जिले में अभी पूरा होता नहीं दिख रहा है। आईसीएमआर की ओर से जारी चौथे चरण के सीरो सर्वे रिपोर्ट में जिले में 66.7 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी पाई गईं हैं। जबकि न्यूनतम 80 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बनने के बाद ही हर्ड इम्युनिटी की उम्मीद की जा सकती है।
सीरो सर्वे में शामिल उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में यह स्तर 70 फीसदी से अधिक रहा है। दूसरी लहर थमने के बाद आईसीएमआर ने जिले में चौथा सीरो सर्वे किया था। आईसीएमआर ने सीरो सर्विलांस सर्वे के आंकड़े घोषित कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार औरैया समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में अभी सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी हर्ड इम्युनिटी पूरी तरह विकसित नहीं हुई है। इन जिलों में कोरोना से बचने के लिए हर संभव प्रयास करने की जरूरत है। हालांकि 60 फीसदी से ज्यादा एंटीबॉडी को संतोषजनक माना जा सकता है।
कोविड कमांड सेंटर के डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि हर्ड इम्युनिटी का स्तर संक्रमण से तय होता है। कम संक्रामक रोग है तो 60 फीसदी और ज्यादा संक्रामक रोग के लिए 80 फीसदी या उससे ज्यादा हर्ड इम्युनिटी चाहिए। माइक्रोबायोलॉजिस्ट प्रांजली ने बताया कि आबादी या लोगों का समूह वैक्सीन लगवाकर या फिर संक्रमण से उबरने के बाद उसके खिलाफ इम्युनिटी विकसित करता है। इसे हर्ड इम्युनिटी कहते हैं। हर्ड इम्युनिटी विकसित होने पर लोग संक्रमण से बचे रहते हैं। इससे बीमारी का प्रसार कम होता है।
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सीरो सर्वे में शामिल उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में यह स्तर 70 फीसदी से अधिक रहा है। दूसरी लहर थमने के बाद आईसीएमआर ने जिले में चौथा सीरो सर्वे किया था। आईसीएमआर ने सीरो सर्विलांस सर्वे के आंकड़े घोषित कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार औरैया समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में अभी सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी हर्ड इम्युनिटी पूरी तरह विकसित नहीं हुई है। इन जिलों में कोरोना से बचने के लिए हर संभव प्रयास करने की जरूरत है। हालांकि 60 फीसदी से ज्यादा एंटीबॉडी को संतोषजनक माना जा सकता है।
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कोविड कमांड सेंटर के डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि हर्ड इम्युनिटी का स्तर संक्रमण से तय होता है। कम संक्रामक रोग है तो 60 फीसदी और ज्यादा संक्रामक रोग के लिए 80 फीसदी या उससे ज्यादा हर्ड इम्युनिटी चाहिए। माइक्रोबायोलॉजिस्ट प्रांजली ने बताया कि आबादी या लोगों का समूह वैक्सीन लगवाकर या फिर संक्रमण से उबरने के बाद उसके खिलाफ इम्युनिटी विकसित करता है। इसे हर्ड इम्युनिटी कहते हैं। हर्ड इम्युनिटी विकसित होने पर लोग संक्रमण से बचे रहते हैं। इससे बीमारी का प्रसार कम होता है।
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